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जबलपुर . केन्द्रीय न्यायिक अधिकरण में मध्यप्रदेश में आइपीएस अवार्ड में देरी को चुनौती दी गई है। जस्टिस अखिल कुमार श्रीवास्तव की एकलपीठ ने केन्द सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि पुलिस अधिकारियों के केडर रिव्यू जो हर पांच वर्ष में होना चाहिए। उसमें क्यों न विशेष केडर रिव्यू का आदेश जारी कर दिया जाए। याचिका में सुनवाई अगले सप्ताह होगी। मध्य प्रदेश स्टेट पुलिस ऑफिसर एसोसिएशन और पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम इंदौर जितेन्द्र सिंह की ओर से विशेष केडर रिव्यू की मांग करते हुए याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पंकज दुबे ने कहा कि दूसरे राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश पुलिस अधिकारियों केडर रिव्यू में देरी हो रही है। मध्यप्रदेश में सीएसपी, एडीश्नल एपी का कोई प्रमोशन नहीं होता है। केडर संख्या कम होने से आइपीएस अवार्ड होने की संभावना समाप्त होती जा रही हैं। इस स्थिति में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद से बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे। जबकि दूसरे राज्यों में कई पुलिस अधिकारी निर्धारित समय में आइपीएस बनाए गए हैं। याचिका में कहा गया कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से केडर रिव्यू के सम्बन्ध में लिखा गया है परंतु केन्द्र सरकार का रवैया उदासीन है। प्रदेश में वर्ष 2008 से केडर संख्या के निर्धारण में देरी हो रही है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत का भी उल्लेख किया गया है जिसमें कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केडर देरी से निर्धारण करना अन्याय है। याचिका में सुनवाई अगले सप्ताह होगी। मध्य प्रदेश स्टेट पुलिस ऑफिसर एसोसिएशन और पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम इंदौर जितेन्द्र सिंह की ओर से विशेष केडर रिव्यू की मांग करते हुए याचिका दायर की गई है।
Published on:
25 Jan 2024 08:24 pm

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