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मनीष गर्ग@जबलपुर। गांव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा सरकार कर रही है। लेकिन, अभी भी युवा डॉक्टर्स गांव जाने से परहेज कर रहे हैं। अनिवार्य ग्रामीण सेवा से बचने बड़ी संख्या में भावी डॉक्टर्स बांड ब्रेक करके लाखों रुपए जुर्माना राशि जमा कर रहे हैं। जुर्माना राशि से प्रदेश सरकार का खजाना तो भर रहा है परंतु गांव के अस्पताल में युवा डॉक्टरों की सेवाएं नहीं मिल पा रही है। यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बुरा हाल है।
चिंता की बात: तीन साल में स्थिति बिगड़ी, नहीं जाना चाहते गांव
नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में बीते तीन वर्षो के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण सेवा के प्रति युवा डॉक्टर्स को जोडऩे के लिए बॉन्ड भरवाए जा रहे हैं। इसे तोडऩे पर तगड़े जुर्माने का भी प्रावधान है। इसके बाद भी एमबीबीएस, पोस्ट ग्रेज्युएट डिग्री व डिप्लोमा लेने वाले डॉक्टर्स जुर्माना भरकर अनिवार्य ग्रामीण सेवा से पीछे हट रहे हैं।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज से वर्ष 2019 से 2022 के बीच कुल 713 छात्रों ने एमबीबीएस व पोस्ट ग्रेज्युएट डिग्री व डिप्लोमा कोर्स किया। इनमें से कुल 713 छात्रों ने रूरल हेल्थ सर्विस सेवा पूरी की। जबकि 296 डॉक्टर ऐसे रहे जिन्होंने बांड ब्रेक करके जुर्माना राशि जमा कर दी। इन छात्रों के बांड ब्रेक करने से सरकार के खाते में 11 करोड़ 86 लाख 90 हजार रुपए जुर्माना राशि जमा कर दी। इसके अलावा 136 डॉक्टर ऐसे हैं जिन्होंने बांड पूरा नहीं किया और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को इन डॉक्टर्स की जानकारी भी नहीं है।
अनिवार्य ग्रामीण सेवा के तहत बांड वाले डॉक्टर्स को शासन स्तर पर आवश्यक सुविधाएं दी जा रही है। ग्रामीण सेवा में युवा डॉक्टर्स को सीखने के बहुत अवसर रहते हैं। अस्पतालों में सभी तरह के संसाधन है। बिना बांड ब्रेक किए युवा डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में सभी युवा डॉक्टर सेवाएं दें। इसके लिए उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया जाता है।
- डॉ.संजय मिश्रा, संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं
रूरल हेल्थ सर्विस के तहत बांड पूरा करने वाले डॉक्टर्स की संख्या बढ़ी है परंतु अभी भी बांड ब्रेक करने वाले युवा डॉक्टर्स की संख्या ङ्क्षचता का विषय है। सरकार को चाहिए कि आखिर डॉक्टर्स बांड ब्रेक करके जुर्माना राशि जमा कर रहे है इसका कारण खोजे। उनकी कांउसङ्क्षलग की जाए। उनकी क्या अपेक्षाएं है। इस पर भी शोध होना चाहिए। युवा डॉक्टर बांड ब्रेक नहीं करे इसके लिए उन्हें ग्रामीण सेवा देने पर अतिरिक्त सुविधा भी प्रदान करनी चाहिए।
- डॉ. आरके पाठक, निर्वाचित अध्यक्ष आईएमए मध्यप्रदेश
Published on:
14 May 2022 10:43 am

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