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ओमेगा अस्पताल के तीन डॉक्टर्स समेत एक महिला ने दो पार्टनरों से की करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी

ओमेगा अस्पताल के तीन डॉक्टर्स समेत एक महिला ने दो पार्टनरों से की करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी

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जबलपुर. गोलबाजार स्थित ओमेगा अस्पताल के संचालक तीन डॉक्टर्स समेत एक महिला ने अपने दो पार्टनरों को करोड़ों रुपए की चपत लगा दी। चारों ने मिलकर पहले तो फर्म में लगाई गई पूंजी हड़पी और फिर समानांतर नाम से फर्म खोलकर अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया।

जांच के बाद लार्डगंज थाना पुलिस ने ओमेगा चिल्ड्रन अस्पताल के संचालक गोलबाजार निवासी डॉ. बलवंत हर्षे, उनकी पत्नी निरूपमा हर्षे, गुप्तेश्वर निवासी डॉ. सुज्जल भाटिया उनकी पत्नी डॉ. नीता भाटिया के खिलाफ अमानत में ख्यानत और आपराधिक षड्यंत्र का प्रकरण दर्ज किया।

लार्डगंज पुलिस ने बताया कि ओमेगा हॉस्पिटल एवं ब्लड बैंक नाम से एक फर्म रजिस्टर्ड हुई। जिसमें छह पार्टनर विजय नगर अग्रसेन वार्ड निवासी डॉ. आनंद कुमार तिवारी उनका बेटा सुधांशु तिवारी, गोलबाजार निवासी डॉ. बलवंत हर्षे, उनकी पत्नी निरूपमा हर्षे, गुप्तेश्वर निवासी डॉ. सुज्जल भाटिया उनकी पत्नी डॉ. नीता भाटिया थे। यह फर्म वर्ष 2008 में रजिस्टर्ड हुई। जिसके बाद गोलबाजार में फर्म द्वारा ओमेगा चिल्ड्रन अस्पताल का संचालन किया जाने लगा। वर्ष 2019 में अस्पताल का संचालन कर रहे डॉ. बलवंत हर्षे, उनकी पत्नी निरूपमा हर्षे, डॉ. सुज्जल भाटिया उनकी पत्नी डॉ. नीता भाटिया ने डॉ. आनंद कुमार तिवारी और उनके बेटे को फर्म से अलग करने का षड़यंत्र रचा। इसके तहत चारों ने समानांतर फर्म बनाई।

इस नई फर्म में डॉ. बलवंत हर्षे, उनकी पत्नी निरूपमा हर्षे, डॉ. सुज्जल भाटिया उनकी पत्नी डॉ. नीता भाटिया पार्टनर थे। जबकि समानांतर फर्म से डॉ. आनंद कुमार तिवारी और उनके बेटे सुधांशु तिवारी का हटा दिया गया। यह जानकारी डॉ. आनंद कुमार तिवारी और उनके बेटे सुधांशु तिवारी को लगी। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि डॉ. बलवंत हर्षे, उनकी पत्नी निरूपमा हर्षे, डॉ. सुज्जल भाटिया उनकी पत्नी डॉ. नीता भाटिया ने समानांतर फर्म बनाकर षड्यंत्र रचकर डॉ. आनंद तिवारी और उनके बेटे को फर्म से अलग किया और पूंजी समेत अन्य चीजें हड़प लीं।


उपकरण-पूंजी और कर्मचारी ट्रांसफर
डॉ. बलवंत हर्षे, उनकी पत्नी निरूपमा हर्षे, डॉ. सुज्जल भाटिया उनकी पत्नी डॉ. नीता भाटिया ने शातिराना अंदाज में पुरानी फर्म की पूंजी, अस्पताल के उपकरण व अन्य चीजें 2019 में बनाई गई समानांतर फर्म में ट्रांसफर कर ली। कर्मचारियों को भी समानांतर फर्म में ट्रांसफर कर लिया।

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