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यहां तो शादियों ने मनवा दी दिवाली, खूब बिकी डिजाइनर ज्वेलरी

कपड़ा, बाइक-कार के कारोबार में भी बूम, पिछले साथ की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा कारोबार

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gold polished jewellery trends

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जबलपुर। बाजार में मंदी का दौर तेजी से घट रहा है। बीते दो साल की तुलना में शादियों का सीजन बाजार और कारोबारियों को खुशहाल कर गया। कपड़ा, ज्वेलरी हो या ऑटोमोबाइल हर क्षेत्र में जमकर बिक्री हुई। मार्च के आखिर से जून के पहले पखवाड़े तक की बात करें तो गत वर्ष के मुकाबले 30 फीसदी ज्यादा कारोबार हुआ। यह लगभग सात सौ करोड़ का रहा। जबकि बीते साल यह सवा पांच सौं करोड़ के आसपास रहा। इसमें टेंट, बारातघर और होटल कारोबार अलग से है।
बीते दो सालों से बाजार में रौनक में तेजी आई है। खासकर शादियों की सीजन की बात करें तो वह जुलाई तक चलेंगी। ज्यादातर वैवाहिक समारोह अप्रैल, मई और जून में हो रहे हैं। बाजार में नई चीजों की भरमार थी। चाहे कपड़ा हो डिजाइनर ज्वेलरी या फिर बाइक या कार। खुद के इस्तेमाल और उपहार देने के लिए लोगों ने इसे खरीदा। इसकी एक वजह जीएसटी का पटरी पर भी आना है। अब रिटर्न जमा करना उतना कठिन नहीं रहा। यही नहीं लोगों ने भी इसके बाद बने रेट पसंद किए।
14 हजार से ज्यादा बिकी बाइक
इस सीजन में ऑटोमोबाइल का कारोबार तेज रहा। अधिकृत आंकड़ें की बात करें तो 1 अप्रैल से 15 जून तक की स्थिति में जिले में 14 हजार 466 बाइक और स्कूटर, 544 कार, 416 ट्रक17 बसें और 916 से ज्यादा अलग-अलग कैटेगरी के वाहनों की बिक्री हुई । इनकी अनुमानित की कीमत लगभग 195 करोड़ रुपए है। यानि ऑटोमोबाइल के शोरूम शादी के सीजन में मालामाल रहे। लोगों ने दिल खोलकर खरीदी की।
रेडीमेड वस्त्रों की बिक्री में इजाफा
साड़ी और रेडीमेड वस्त्रों की बिक्री तो लगभग पूरे साल होती है। लेकिन इस बार इसकी चमक कुछ ज्यादा थी। थोक कारोबारी सतीश जैन बताते हैं कि पिछले साल के मुकाबले 25 से 30 फीसदी कारोबार ज्यादा रहा। शादियों में खरीदी तेज रही। जानकारों के मुताबिक तीन महीनों में करीब 250 करोड़ रुपए का कारोबार केवल साडिय़ों का हुआ। वहीं 90 करोड़ से अधिक के रेडीमेड वस्त्र बिके।
सोना और चांदी की दिखी चमक
आभूषणों के बिना शादी विवाह हो जाए ऐसा नहीं होता। कोई कम तो कोई ज्यादा आभूषण उपहार में देता है। वहीं वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए भी लोग इसकी खरीदी करते हैं। यह कारोबार इस सीजन में बहुत अच्छा तो नहीं था लेकिन कम भी नहीं। यह 80 ये 90 करोड़ के बीच रहा। सराफा कारोबारी राजा सराफ बताते हैं कि आचार संहिता का असर रहा। लेकिन कारोबार औसत रहा।
कूलर, फ्रीज और एसी की ठंडक
गर्मी ज्यादा पडऩे के कारण एसी का कारोबार उफान पर रहा। सभी कंपनियों के एसी बाजार में थे, उनकी अच्छी खासी बिक्री हुई। शादियों में ब्रॉन्डेड और गैर ब्रांडेड दोनों तरह के कूलर खूब बिके। ऐसी स्थिति टीवी, फ्रीज, वाशिंग मशीन की रही। डीलर अखिल मिश्रा ने बताया कि लंबे समय बाद अच्छा सीजन आया। न केवल शादी बल्कि निजी जीवन के लिए भी लोगों ने खरीदी की। एक अनुमान के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 90 से 100 करोड़ का कारेाबार हुआ।
बर्तन-फर्नीचर खरीदने आए ग्राहक
बर्तन और फर्नीचर का बाजार भी ठीक स्थिति में रहा। स्थानीय फर्नीचर कारोबार को शादियों के सीजन उछाल मिला। शहर में बड़े पैमाने पर सोफा, पलंग, कूलर, आलमारी का उत्पादन होता है। वहीं कुछ माल दूसरे प्रदेशों के साथ-साथ विदेशों से आता है। इसी तरह बर्तन की खनक भी पूरे सीजन में सुनाई देती रही। यदि दोनों के कारोबार की बात करें तो यह 5 से 6 करोड़ के बीच रहा।