जबलपुर.मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पशु चिकित्सा और पशुपालन विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन जारी है। मंगलवार को 18 स्टूडेंट्स भूख हड़ताल पर बैठे, लेकिन पानी की कमी और गर्मी की वजह से आठ की हालत बिगड़ गई। जिन्हें विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, दो छात्र पहले ही सोमवार को अस्पताल भेजे जा चुके हैं।
दरअसल, 2012 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वेटरनरी के स्टूडेंट्स को मेडिकल स्टूडेंट्स की तरह मानदेय देने की कथित तौर पर घोषणा की थी। लेकिन उसे बढ़ाया नहीं गया और 11 साल बाद भी वेटरनरी स्टूडेंट्स उस स्टॉयपेंड तक नहीं पहुंच पाए हैं। इसी मांग को लेकर 16 दिन से छात्र हड़ताल पर हैं और अब भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार को 18 छात्र-छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठे। इस दौरान आठ की तबियत खराब हो गई। चक्कर आने पर उन्हें विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्रों की मांगों को लेकर समर्थन करने के लिए पूर्व छात्र भी पहुंचे। छात्र नरेंद्र राजपूत, प्रखर, आयुषी राजपूत, अंशी शुक्ला आदि ने कहा कि उनके प्रदर्शन को लेकर पूर्व छात्र भी सामने आए हैं। उन्होंने पशु चिकित्सा सेवाएं बंद रखकर उनका समर्थन किया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की नहीं मानी
वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो नाराज छात्र दो दिन से भूख हड़ताल पर बैठ गए। हालांकि, विवि प्रशासन ने छात्रों से प्रदर्शन खत्म करने का आग्रह किया है। छात्र मांगों पर ठोस कार्रवाई को लेकर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि उन्हें दी जाने वाली स्टायफंड की राशि दूसरे राज्यों की तुलना में बेहद कम है। इसे बढ़ाया जाए। साथ ही सहायक सर्जन के पदों की संख्या को बढ़ाया जाए। छात्र सोम सिंह धाकड, नरेंद्र राजपूत, आयुषी राजपूत ने कहा कि मांगों को लेकर उनकी हड़ताल जारी रहेगी।