22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ये भारत का सबसे खतरनाक टैंक, पाकिस्तान को चटा दी थी धूल

भारत की शान टी-55 टैंक पुणे से पहुंचा जेइसी, युवा सीखेंगे सेना के हथियार बनाना

less than 1 minute read
Google source verification
India's most dangerous tank

India's most dangerous tank

जबलपुर। भारतीय सेना की शान टी-55 युद्ध टैंक शुक्रवार को जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज (जेइसी) पहुंचा। इसे देर शाम कॉलेज परिसर में स्थापित किया गया। सेना के बाद अब यह जेइसी की शान में चार चांद लगाएगा। टी-55 टैंक को पुणे डिफेंस डिपो से छह मार्च को जबलपुर के लिए रवाना किया गया था। सडक़ मार्ग से होते हुए यह टैंक शुक्रवार को जबलपुर पहुंचा। 1983 बैच के पूर्व छात्र वीके सक्सेना के प्रयासों से यह टैंक जेइसी को मिला है। इसकी स्थापना के लिए तरुण आनंद और नरेंद्र सिंह ने कॉलेज परिसर में प्लेटफॉर्म का निर्माण किया है। इसकी स्थापना के दौरान प्रो. रत्नेश गुप्ता, प्रो. आरके भाटिया सहित प्रबंधन और छात्र-छात्राएं मौजूद थीं। टी-55 टैंक से पहले जेइसी में मिग-21 की स्थापना की गई थी। ब्रम्होस मिसाइल भी प्रदान किया जाना है। युद्धपोत के रूप में छोटा मॉडल भी दिया गया है।

पाकिस्तान के खिलाफ बरपाया था कहर
टी-55 टैंक ने पाकिस्तान के साथ युद्ध में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। इसे सोवियत संघ ने तैयार किया था। यह जमीन से आकाश में अचूक निशाना लगा सकता है।

तीन क्रेन की ली मदद
31 टन वजनी टैंक को उठाने और प्लेटफॉर्म पर स्थापित करने के लिए तीन तीन हैवी क्रेन की मदद ली गई। लोडेड ट्रॉले से उठाकर इसे कैम्पस में बनाए गए प्लेटफॉर्म पर रखा गया।

यह कॉलेज के लिए गौरव की बात है। अब कॉलेज के छात्र भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम को नजदीक से जान और समझ सकेंगे। इस टैंक को कॉलेज परिसर में स्थापित किया
गया है।
- प्रो. एके शर्मा, प्राचार्य, जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज