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फिल्म पायरेसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार 

हिन्दी,दक्षिण भारत और विदेशी फिल्मों को वेबसाइट पर डाउनलोड एवं सीडी बनाकर बेचता था अंतरराष्ट्रीय गिरोह। 

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Abha Sen

Jul 27, 2015

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जबलपुर। हिन्दी, दक्षिण भारत सहित विदेशी फिल्मों की पायरेसी कर अवैध रूप से सीडी बेचने एवं वेबसाइट के जरिये पैसा कमाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का ओमती पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इसके चार सदस्यों को पायरेसी के सामान सहित गिरफ्तार कर लिया गया है। नौ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम में गिरोह के सदस्यों को एसपी के सामने पेश किया गया।

धोखाधड़ी की शिकायत

ओमती पुलिस ने बताया कि कुछ दिनों पहले अंकित वर्मा ने प्रियांश परदेशी निवासी अशोक विहार शंकर शाह नगर रामपुर के खिलाफ एक लिखित शिकायत देते हुए बताया था कि उसने नौकरी लगवाने के नाम पर 18 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है। उसने ये भी बताया कि प्रियांश अब पूना में रहता है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रियांश को पूना से पकड़ा एवं उसके घर पर मिले कम्पयूटर को जांच के लिए जब्त कर लिया गया।

सर्च में मिलीं 1243 नई फिल्में

पुलिस ने प्रियांश के कंप्यूटर को सर्च किया तो पाया कि उसमें 1243 हिन्दी, दक्षिण भारत सहित विदेशी फिल्में लोड हैं। गहनता से जांच करने पर पता चला प्रियांश ने टेलीटोरेंस नाम की एक वेबसाइट बनाई गई है। इसके अलावा देशी क्रूज नाम की एक वेबसाइट चला रहा है। इसके बाद उसे कम्पयूटर सहितजबलपुर लाया गया।

टीम गठित कर पकड़ा गिरोह

एसपी आशीष कुमार ने एक टीम गठित की। टीम ने प्रियांश से सख्ती से पूछताछ कर पता लगाया कि राहुल मेहता दिल्ली एवं टोनी गाजियाबाद, दिलीप बुधलानी ग्वालियर, अमन खान भोपाल, विक्रमजीत सिंह पंजाब, आदित्यराज नई दिल्ली, फैजल नई दिल्ली, राजेन्द्र चेन्नई, खान साहब फ्रांस, खुरर्म ऑस्ट्रेलिया निवासी पिक्चर हॉल, मल्टीप्लेक्स से फिल्मों को शूट कर उसकी पायरेसी मूवी तैयार कर जबलपुर सहित देश के अन्य जिलों एवं आस्ट्रेलिया, फ्रांस आदि जगह भेजते थे।

मामले में प्रियांश सहित दिलीप बुधलानी, रिंकू मल्होत्रा नई दिल्ली, तौफिक दरियागंज को गिरफ्तार किया गया है। बाकी के नौ फरार सदस्यों की पुलिस तलाश कर रही है। सभी को कॉपी राईट एक्ट की धारा 51, 52,63,64,68 एवं मप्र सिनेमा एक्ट 1952 की धारा 7 तथा 420, 34 भादंवि के तहत दोषी पाया गया गया है।

दूसरे दिन ही बाजार में

गिरोह द्वारा फिल्म रिलीज के दूसरे दिन ही वेबसाइट पर डाउनलोड कर दी जाती थी। इसके लिए रिकॉर्डिंग करने वाला टोनी फिल्मों की एफटीपी लिंक सीधे राहुल और दिलीप को उपलब्ध करा देता था। जिसे ये लोग देशीक्रूज, टैलीटोरेंस पर डाउनलोड कर देते थे।

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