
मध्यप्रदेश से अजीबोगरीब मामला सामने आया है।यहां कलेक्टर ने पटाखों की दुकानें सील कराई थी। जिसके बाद एसडीएम और तहसीलदार ने सील दुकानों को खोल दिया। जिसपर कलेक्टर ने एक्शन लेते हुए एसडीएम और तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया। यह मामला एमपी के जबलपुर का है।
एसडीएम पुष्पेन्द्र अहाके और तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे ने स्टॉक की जानकारी दिए और जांच किए बिना सील की गई दुकानों को खुलवा दिया।इसी को लेकर दोनों को सस्पेंड कर दिया गया।बता दें कि हरदा हादसे के बाद जिला प्रशासन ने थोक पटाखा की दुकानों को सील किया था।एसडीएम और तहसीलदार ने बिना जांच किए पटाखा की दुकानों को खोल दिया।
संभागीय कमिश्नर अभय वर्मा का कहना था कि एसडीएम अधारताल पुष्पेन्द्र अहाके और तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे को शासकीय कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया।संभागायुक्त ने ये कार्रवाई कलेक्टर दीपक सक्सेना के प्रतिवेदन के आधार पर की है।पिछले दिनों हुए हरदा ब्लास्ट के बाद जबलपुर में पटाखा ब्यौरा और दुकानों के स्टॉक का रिकॉर्ड नहीं मिलने पर कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा दुकानों को सील करने के निर्देश दिए थे।
दो अधिकारियों के निलंबन आदेश कहा गया कि शासन और प्रशासन के निर्देशों का पालन नहीं करना। ये गंभीर लापारवाही है। दोनों अधिकारियों ने पटाखा व्यापारियों के स्टॉक को इधर-उधर करने में मदद की है। यह काम शासन और प्रशासन के विपरीत किया गया था।
Updated on:
07 Mar 2024 04:12 pm
Published on:
07 Mar 2024 04:10 pm
