
तालाबों को बचाने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सारे प्रयास हुए फेल, एक साल में काम भी नहीं हुआ शुरू
शिल्ट से हर साल ओवरफ्लो होते हैं ये तालाब-
सूरजताल-
-5.5 हेक्टेयर क्षेत्रफल,
-80 से ज्यादा लोगों का तालाब की जमीन पर अतिक्रमण गंगा सागर-
-14.63 हेक्टेयर क्षेत्रफल
-100 से ज्यादा अतिक्रमण हैं तालाब की जमीन में
तालाबों के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण हो गया है। इसके कारण जरा सी बारिश में तालाब ओवरफ्लो हो जाते हैं। इससे कई इलाकों में जलभराव हो जाता है। गंगा सागर ओवरफ्लो होने से आ जाती है बाढ़- साढ़े चौदह हेक्टेयर से ज्यादा रकबा वाले गंगा सागर तालाब में तीन ओर से अतिक्रमण हो गया है। तालाब शिल्ट से भरा होने के कारण उथला हो गया है। हर साल बरसात में ये तालाब ओवरफ्लो हो जाता है। तालाब का पानी गंगा सागर, गुलौआ होते हुए सुदामा कालोनी, न्यू राम नगर, शिव नगर समेत कई और कालोनियों में भर जाता है। इन कालोनी के रहवासियों के घरों में चार-पांच फीट से लेकर आठ-दस फीट तक बरसात का पानी भर जाता है। इसके कारण लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने नाव भी चलाना पड़ती है।
नाले में तब्दील हो जाती है सड़क
पुरवा िस्थत सूरज तालाब भी शिल्ट से भरा हुआ है। तालाब के कैचमेंट एरिया में चारों तरफ से कब्जा हो गया है। इसके कारण बरसात में हर साल ये तालाब ओवरफ्लो हो जाता है। ये पानी पुरवा धनवंतरि नगर मार्ग पर नाले की तरह बहने लगता है। राहगीरों के लिए आवाजाही मुश्किल हो जाती है। इतना ही नहीं आगे जाकर नवनिवेश कालोनी में लोगों के घरों में पानी भर जाता है। हर साल ये हालात बनती हैं। इसके बावजूद तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने, डीशिल्टिंग व गहरीकरण की दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है।
वर्जन
बरसात के पानी को संरक्षित करना और भूजल संवर्धन समय की बड़ी मांग है। वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रयासों की समीक्षा करेंगे। जिन तालाबों के ओवरफ्लो होने से काॅलोनियों में जलभराव होता है, उन तालाबों की सफाई के लिए आवश्यक प्रयास करेंगे। ताकि, उनकी जलभराव क्षमता बढ़े।
बी. चंद्रशेखर, सम्भागायुक्त व प्रशासक नगर निगम
शहर के वे सभी इलाके जहां जलभराव के हाालत बनते हैं, उनकी समीक्षा कर रहे हैं। तालाबों के कारण होने वाले जलभराव की समस्या का भी निराकरण किया जाएगा।
भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
Published on:
18 May 2022 10:02 pm
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