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देश के शासकीय ट्रिपल आईटीडीएम में शीर्ष पर जबलपुर

देश के टॉप 100 संस्थानों में एक पायदान पहुंचा ऊपर, देश के पांच शासकीय ट्रिपल आईटीडीएम में सबसे अव्वल बना

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JABALPUR Tops the Country's Government triple IIITDM

JABALPUR Tops the Country's Government triple IIITDM

जबलपुर।

वर्ष-2021
स्कोर-41.17
रैंक-80
टीएलआर-आरपीसी-जीओ-ओआई-परसेप्शन
46.17-29.61-61.76-54.06-6.83
.......
वर्ष-2020
स्कोर-39.29
रैंक-81
टीएलआर-आरपीसी-जीओ-ओआई-परसेप्शन
45.42-30.89-5940-43.47-1.63

शिक्षा मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी इंडिया रैकिंग 2021 में जबलपुर का ट्रिपल आईटीडीएम संस्थान ने इस बार एक पायदान उपर की छलांग लगाई है। गतवर्ष जहां देश भर के संस्थान की रेस में 81वां स्थान हासिल हुआ था वहीं इस बार इसे 80वां स्थान मिला है। लेकिन देश के पांच सरकारी ट्रिपल आईटीडीएम संस्थानों में जबलपुर का द्वारिका प्रसाद मिश्र इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफारमेंशन टैक्नालॉजी डिजाइन एंड मैन्यूफैक्चिरंग संस्थान पहले पायदान पर है।

इन संस्थानों को पछ़ाड़ा
जबलपुर के ट्रिपल आईटीडीएम संस्थान ने देश के पंाच संस्थानों में पहले दर्जे पर है। इन संस्थानों में इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ इंनफारमेशन टैक्नोलॉजी एंड मैनेजमेट ग्वालियर, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ इंनफारमेशन टैक्नोलॉजी इलाहाबाद, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ इंनफारमेशन टैक्नोलॉजी डिजाइन एंड मैन्यूफैक्चिरिंग कांचीपुरम चैन्नई, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ इंनफारमेशन टैक्नोलॉजी डिजाइन एंड मैन्यूफैक्चिरिंग करनोल आंध्रप्रदेश से पीछे हैं। ये संस्थान देश के टॉप 100 में भी अपनी जगह नहीं बना सके हैं।

संस्थानों की बढ़ी 40 फीसदी सहभागिता
जानकारों के अनुसार इंडियन रैंकिंग में हिस्सा लेने के लिए पिछले दो सालों से संस्थानों की हिस्सेदारी में काफी इजाफा हुआ है। दो साल पहले तक करीब देशभर से 2000 से 3000 संस्थान ही हिस्सेदारी करते थे लेकिन 2021 में यह संख्या बढ़कर 5000 के पार हो गई। ऐसे में कठिन रैंकिंग प्रक्रिया से होकर गुजरना और देश के चुनिंदा टॉप 100 संस्थानों में जगह बना पाना असाना काम नहीं था। वर्ष 2019 में काम्पटीशन कम होने से जबलपुर के ट्रिपल आईटीडीएम संस्थान को 75वीं रैंक हॉसिल हुई थी।

50 के अंदर आने की थी मेहनत
संस्थान ने इस बार हालांकि 50 पायदान के अंदर आने की कोशिश की थी। लेकिन सफल नहीं हो सका। यह जरूर है कि अपनी पुरानी रैंकिंग से नीचे नहीं आया बल्कि एक पायदान उपर आने में सफल रहा है। देश के कई बड़े-बड़े संस्थान टॉप 100 में भी स्थान नहीं हॉसिल कर सकें हैं। हालांकि संस्थान ने अपनी कमियों को दूर कर नए सिरे से आगे बढऩे का निश्चय किया है।

कई मापदंड से गुजरे
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के सैकड़ों पैरामीटरों का निर्धारण किया गया। हर पैरामीटर में 100 अंका और उसमें भी अंकों का विभाजन किया गया था। संस्थान की क्षमता, स्टूडेंट स्ट्रैंथ, टीचिंग लर्निंग रिसोर्स, रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रेक्टिस, प्लेसमेंट, परसेंटेज ऑफ वूमन, कोर्स, फैकेल्टी, फंडिग, प्रोजेक्ट जैसे ढेरों बिंदुओं पर संस्थानों को अंाका गया।
वर्जन
-हम देश के प्रमुख शासकीय ट्रिपलआईटीडीएम में सबसे उपर हैं। पिछले रैंक को सुधारते हुए हमने एक पायदान की बढ़ोत्तरी की है। हमारी कोशिश है कि अगले वर्ष टॉप फिफ्टी में आएं।
-डॉ.प्रवीण कुमार पाधी, डीन आरएसपीसी ट्रिपल आईटीडीएम

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