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सिंदूर में रखते ही बढऩे लगते हैं सियार के ये अनोखे और दुर्लभ ‘सींग’

दुनिया सचमुच अजूबों से भरी पड़ी है। कुछ तो हमारे आसपास ही देखने मिल जाते हैं। ऐसा ही एक अजूबा है सियार या गीदड़ सिंगी

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Abha Sen

Jul 20, 2016

siyar

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जबलपुर। दुनिया सचमुच अजूबों से भरी पड़ी है। कुछ तो हमारे आसपास ही देखने मिल जाते हैं। ऐसा ही एक अजूबा है सियार या गीदड़ सिंगी। इसका इस्तेमाल भले ही तंत्र-मंत्र के लिए किया जाता है। लेकिन प्राणी जगत में ये किसी आश्चर्य से कम नही है।

दरअसल, सियार या गीदड़ के सींग नही होते। प्राणी जगत के लिए ये बहुत बड़ा आश्चर्य है। लेकिन यहां हम आपको बता दें कि जिसे सियार सिंगी कहा जाता है वह सियार का सींग ही माना जाता है। जी हां, विशेषज्ञों के अनुसार जब सियार ऊपर मुंह करके चिल्लाता है तो उसका सिर पर एक नुकीला भाग उभर आता है जो कि सींग के समान ही सख्त होता है।


कई लोगों का मानना है कि सियार की नाक के ऊपर एक सींग नुमा हिस्सा उभर आजा है जो समय के साथ सख्त हो जाता है। ये हजारों में से किसी एक सियार में देखने मिलता है। जिसे सियार सिंगी कहा जाता है। ये बहुत ही दुर्लभ माने जाते हैं।


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सियार सिंगी का इस्तेमाल तंत्र-मंत्र के लिए खासतौर पर किया जाता है। भारतदेश में प्रचलन कब शुरू हुआ ये कोई नही बता सकता, लेकिन धन, व्यापार सहित पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिकाएं अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। बताया जाता है कि इसे सिंदूर में रखने से इसके बाल बड़े होने लगते हैं और सिंदूर में ही ये लंबे समय तक जीवित रहता है। तांत्रिकों के पास ये विशेष रूप से देखने मिलता है। इसे मंत्रों के जरिए विधि-विधान से कर रखा जाता है। कई लोग इसे पाने के लिए जंगल की खाक छानते फिरते हैं।

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