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खूनी सडक़: हर 8वें दिन लेती है एक जान, रहस्य बनीं मौतें!

खूनी सडक़: हर 8वें दिन लेती है एक जान, रहस्य बनीं मौतें!

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khooni sadak ka rahasya

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सिहोरा. देश के सबसे लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर निर्माणाधीन फोरलेन का आधा अधूरा काम और आड़े तिरछे डायवर्सन हादसों का कारण बन रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो सडक़ हादसों में हर आठवें दिन एक की मौत हो रही है। बेलगाम भागते भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण नहीं होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं।

news facts-

एनएच-7 : 138 दिनों में 17 की मौत, 26 से अधिक गंभीर रूप से घायल
हर आठवें दिन सडक़ हादसे में एक मौत

बीते पांच महीनों में सिहोरा पुलिस संभाग के अंतर्गत आने वाले एनएच-7 (गांधीग्राम से धनगवां) के बीच करीब ढाई दर्जन से अधिक वाहन दुर्घटनाओं में 17 लोगों की मौत हो गई, वहीं करीब 26 से अधिक गंभीर रूप से घायल होकर अपंग हो गए। इन सडक़ हादसों का सबसे बड़ा कारण पिछले पांच माह के दौरान आधा अधूरा निर्माण और आड़े तिरछे, यू शेप में बने डायवर्सन और अंधे मोड़ हैं।

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केस 01
सिहोरा थाना अंतर्गत एनएच-7 सिहोरा बायपास में पांच अप्रैल को सुबह तेज रफ्तार कार और ट्रक के बीच भिड़ंत हो गई थी। हादसे में छिंदवाड़ा के एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई थी, वहीं चौथे घायल ने जबलपुर के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया था। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए थे।
केस 02
सिहोरा थानांतर्गत एनएच-7 बजरंगबाड़ा और धनगवां के पास तेज रफ्तार लोडिंग वाहन ने बाइक सवार मोहतरा निवासी सुनील साहू (45) पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में सुनील की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं ंधनगवां के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने खलरी निवासी सोनू चौधरी (20) को मौत के घाट उतार दिया।
केस 03
गोसलपुर थाना अंतर्गत एनएच-7 कछपुरा खिन्नी मार्ग पर 31 जनवरी को कौशलपुर निवासी अतुल सिंह राजपूत (30) को पोखरनी तिराहे पर तेज रफ्तार हाइवा ने कुचल दिया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
केस 04
18 मार्च को खितौला थाना अंतर्गत पहरेवा पर बस ने जीप को सामने से टक्कर मार दी। हादसे में जीप में सवार छह लोग घायल हो गए, जिनमें तीन घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया।
एनएच-7 और बायपास पर भारी वाहनों और यात्री बसों के गति नियंत्रण के लिए थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। यह बात सही है हादसों में लोगों की मौतें हो रही हैं, इसका कारण फोरलेन का आधा-अधूरा निर्माण और डायवर्सन हैं।
भावना मरावी, एसडीओपी, सिहोरा