
जबलपुर। कोल्हापुर-गोंदिया महाराष्ट्र एक्सप्रेस (11039/11040) जल्द ही शहर से होते हुए रीवा तक चलेगी। इस ट्रेन को पश्चिम मध्य रेल की रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (01753/01754) से जोड़ा जा रहा है। दोनों ट्रेनों के कोच मिलाकर फुल रैक की ट्रेन रीवा से कोल्हापुर तक सीधे चलाने का निर्णय हुआ है। रेलवे की गंतव्यों पर गाडिय़ों के (लाई ओवर पीरियड) यानी लौटने की अवधि में कमी लाकर गाड़ी के रैक का मौजूदा यात्रियों के हितों के लिए और ज्यादा योग्य उपयोग करने की नीति के तहत यह प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इससे अब महाराष्ट्र एक्सप्रेस कोल्हापुर-नागपुर-गोंदिया तक आने के बाद बालाघाट-नैनपुर-जबलपुर होते हुए रीवा तक चलने लगेगी। इससे महाकोशल और विंध्य का कोल्हापुर (छत्रपति साहू महाराज टर्मिनस) से सीधा रेल सम्पर्क हो जाएगा। विदर्भ के अलावा महाराष्ट्र के जयसिंहनगर, सांगली, कोरेगांव, सतारा, पुणे जैसे शहरों के लिए भी यातायात का विकल्प मुहैया होगा।
समय भी बदलेगा, एलएचबी कोच होंगे
महाराष्ट्र एक्सप्रेस को रीवा तक बढ़ाने के प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड से सहमति प्राप्त हो गई है। पश्चिम मध्य और दक्षिण पूर्व मध्य रेल में समन्वय स्थापित होते ही ट्रेन के रीवा तक चलाने की तारीख तय कर दी जाएगी। अभी तक महाराष्ट्र एक्सप्रेस पुराने रैक लेकर चलती है। लेकिन, यह रीवा तक चलेती तो एलएचबी कोच का रैक होगा।
ये है प्रस्तावित समय
यह ट्रेन रीवा से रात आठ बजे रवाना होकर रात 11.55 बजे जबलपुर पहुंचेगी। अगले दिन सुबह आठ बजे गोंदिया पहुंचने के बाद नागपुर-भुसावल के रास्ते दूसरे दिन दोपहर 12.25 बजे कोल्हापुर पहुंचेगी। वापसी में कोल्हापुर से दोपहर 2.45 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 3.35 बजे नागपुर पहुंचेगी। गोंदिया-नैनपुर के रास्ते उसी दिन रात 11.55 बजे जबलपुर आएगी। अगले दिन सुबह 4.25 बजे रीवा पहुंचेगी।
रायपुर के लिए भी मिल सकता है विकल्प
रेलवे की प्रयागराज से विशाखापट्टनम के लिए एक ट्रेन संचालन का प्रस्ताव है। सूत्रों की मानें, तो इस ट्रेन को सतना-जबलपुर-नैनपुर-गोंदिया, दुर्ग-रायपुर-महासुमंद होकर चलाने की योजना है। इसको रेलवे बोर्ड की स्वीकृति प्राप्त होने पर शहर से रायपुर जाने के लिए एक और ट्रेन का विकल्प बढ़ जाएगा।
इटारसी वाली कुछ ट्रेनें नैनपुर-गोंदिया होकर चलेंगी
कोरोना काल में बंद ट्रेनों को एक-एक कर शुरू करने के साथ रेलवे लम्बी दूरी की ट्रेनों की गति बढ़ाने के साथ ही उन्हें अपेक्षाकृत छोटे मार्ग से चलाने की तैयारी में है। इस कवायद में उत्तर-प्रदेश और बिहार से आकर दक्षिण भारत की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनों को नैनपुर-गोंदिया-बल्लारशाह होकर चलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे रेलवे बोर्ड की स्वीकृति प्राप्त होने पर मुंबई-हावड़ा मुख्य मार्ग के इटारसी-जबलपुर रेलखंड में नई यात्री ट्रेनों की गुंजाइश बनेगी। वहीं, नैनपुर-बालाघाट ब्रॉडगेज से दक्षिण भारत की दूरी और यात्रा समय कम हो जाएगा।
इन ट्रेनों को नैनपुर-गोंदिया के रास्ते चलाने की तैयारी
लखनऊ-यशवंतपुर, पटना-एर्नाकुलम, पटना-पूर्णा, दीक्षा-भूमि एक्सप्रेस, रामेश्वरम एक्सप्रेस, गंगा कावेरी एक्सप्रेस, रक्सोल-सिकंदराबाद, गया-चेन्नई एग्मोर एक्सप्रेस, श्रृद्धा सेतु एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस।
जबलपुर-इंदौर ओवरनाइट शुरू
कोरोना की दूसरी लहर में बंद जबलपुर-इंदौर ओवरनाइट ट्रेन गुरुवार से फिर से पटरी पर लौट आई। देर रात यह जबलपुर से इंदौर के लिए रवाना हुई। शुक्रवार से दोनों छोर से ट्रेन संचालित होगी। शुक्रवार से चित्रकूट एक्सप्रेस और इटारसी-छिवकी (प्रयागराज) ट्रेनें भी शुरू हो रही हैं।
Published on:
11 Jun 2021 03:42 pm
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