
cyber cell jabalpur disclosure of gang
जबलपुर. मैट्रीमोनियल साइट(matrimonial site) बनाकर देशभर में सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह (Interstate gang) का शनिवार को स्टेट साइबर सेल (State Cyber Cell) ने खुलासा (disclose) किया। गिरोह के चार गुर्गों को गिरफ्तार कर जबलपुर विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। टीम ने आरोपियों के पास से 30 हजार रुपए, एटीएम, मोबाइल, सिम भी जब्त किए हैं। उनके खातों की रकम को होल्ड करा दिया है।
तीन प्रदेशों में तीन फर्जी साइट बनाकर फर्जीवाड़े का खेल
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह छत्तीसगढ़, बिहार और यूपी में कार्यालय बनाए हैं। यहां से तीन वैवाहिक ऑनलाइन साइट बनाकर ठगी का नेटवर्क चलाया जा रहा था। वे कॉलसेंटर के नाम पर युवक-युवतियों को नौकरी पर रखते थे। वेतन और मोटा कमीशन देकर उन्हें अपने धंधे में शामिल कर लेते थे। साइबर सेल का अगला टारगेट गिरोह का सरगना है। उसकी तलाश के लिए एक टीम भागलपुर भेजी जा रही है।
गुप्तेश्वर निवासी किराना संचालक ने दर्ज करायी थी शिकायत
स्टेट साइबर सेल जबलपुर जोन के एसपी अंकित शुक्ला ने बताया, गुप्तेश्वर निवासी संजय सिंह की शिकायत पर दर्ज प्रकरण की जांच में इस हाईप्रोफाइल मामले तक टीम पहुंची। संजय सिंह ने जीवन साथी डॉट कॉम पर शादी के लिए पंजीयन कराया था। कुछ समय बाद उनके पास जीवन जोड़ी मैट्रीमोनियल से फोन आया। कॉल करने वाले ने रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर पांच हजार रुपए जमा कराए। इसके बाद कई फोटो में एक युवती को पसंद किया। उसका मोबाइल नम्बर मिला। युवती ने खुद का परिचय रीवा निवासी तनुजा ठाकुर के रूप में दिया। इसके बाद उसने बीमारी, एक्सीडेंट, जरूरत बताकर संजय से 6.50 लाख रुपए खातों में जमा कराए।
छग के तीन जिलों से हुई गिरफ्तारी
एसपी शुक्ला के अनुसार निरीक्षक विपिन ताम्रकार, एसआई श्वेता सिंह, पंकज साहू, आरक्षक अजीत गौतम और आसिफ खान की टीम ने छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में रहने वाली 19 व 20 वर्षीय दो युवतियों सहित हनोदा दुर्ग निवासी राजेश जांगड़े, मरमडा कबीरधाम निवासी समयलाल जायसवाल को गिरफ्तार किया। भिलाई निवासी मास्टर माइंड सहित दो अन्य फरार हैं। मास्टर माइंड ने राजनांदगांव, भिलाई (छग.), भागलपुर (बिहार), मुजफ्फरनगर (यूपी) में अपने कार्यालय बना रखे हैं। वह जीवन जोड़ी, बेस्ट मैट्रीमोनियल और मैट्रीमोनी फॉर ऑल के नाम से अलग-अलग बैंक खातों में ठकी की रकम जमा करवाता था।
ऐसे करते थे ठगी
विश्वसनीय मैट्रीमोनियल साइट्स को सर्च कर गिरोह वहां से विधुर, अविवाहित, तलाकशुदा और वयस्कों के फोन नम्बर जुटाता था। फिर अपनी साइट का टाईअप बताकर सम्पर्क करते थे। रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा कराने के बाद युवती का नम्बर मुहैया कराते थे। उनके कॉल सेंटर में नौकरी वाली युवतियां ही ग्राहकों को अपने झांसे में फंसाती और विभिन्न कारणों का हवाला देकर पैसे ऐंठती थीं। इसके लिए फर्जी सिम का उपयोग किया जाता था।
ये सावधानी बरतें
- मैट्रीमोनियल साइट्स पर व्यक्तिगत जानकारी समझदारीपूर्वक दें।
- मैट्रीमोनियल साइट्स की विश्वसनीयता की परख कर संवाद करें।
- जिस मैट्रीमोनियल साइट पर पंजीयन कराया है, उसी साइट से आगे भी सम्पर्क करें।
- फोन पर दूसरी मैट्रीमोनियल का बताकर सम्पर्क करने वालों पर भरोसा न करें।
- बिना सत्यापन किए किसी अपरिचित व्यक्ति को राशि ट्रांसफर न करें।
- किसी भी साइट पर निजी जानकारी साझा नहीं करें।
Published on:
15 Sept 2019 09:00 am

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