बैंकों में ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की सुगबुगाहट के बीच शहर में बदल रहा है निवेश का नजरिया
प्वाइंटर
61,000 पर था जनवरी में सेंसेक्स
53,000 तक गिर गया था जून तक
05 महीने में शेयर बाजार से 5 प्रतिशत रिटर्न की उम्मीद
06 से 07 प्रतिशत ब्याज मिलेगा फिक्स डिपॉजिट पर
श्याम बिहारी सिंह @ जबलपुर। इस साल जनवरी से जून तक शेयर बाजार में निवेशकों को आठ प्रतिशत तक का घाटा हुआ। जुलाई में बाजार ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। फिर भी आगे का रुझान बहुत सकारात्मक नहीं दिख रहा। शेयर मार्केट में इस घाटे ने देश भर के साथ शहर के निवेशकों की भी राय बदल दी है। जानकारों के अनुसार शहर में एक बार फिर से बैंकों में फिक्स डिपॉजिट का रुझान बढऩे लगा है। बैंकों ने भी संकेत दिए हैं कि जमा पर ब्यार दरें बढ़ सकती हैं। ऐसे में शहर के युवाओं में बदलाव आया है कि निवेश में रिस्क तो जारी रखेंगे। साथ ही बैंकों में सुरक्षित निवेश को भी अब वरीयता दे सकते हैं। हालांकि, वे अभी शेयर मार्केट पर कुछ समय और नजर रखेंगे।
सुरक्षा की भावना बढ़ी
शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव का फंडा सबको पता है। इसके बावजूद शहर की युवा पीढ़ी कुछ साल से रिस्क लेते हुए जल्दी पैसा कमाने की ओर आकर्षित हुई। निजी कंपनी में अच्छे पैकेज पर नौकरी करने वाले महज 25 साल के युवक ने बताया कि शेयर मार्केट में रिस्क है। लेकिन, रिटर्न भी खूब है। उसने तीन से चार महीने में ही हजारों रुपए लगाए। बदले में दो से तीन गुना रिटर्न भी मिल गया। कुछ महीनों में बाजार की हालत खराब हुई, तो उसने वहां से हाथ खींच लिए। अब वह बैंकों में एफडी करने की जानकारी ले रहा है। उसके एक साथी ने बताया कि उसने भी शेयर में पैसे लगाए हैं। लेकिन, अभी डेली ट्रेडिंग नहीं करता। बाजार का माहौल अच्छा होगा, तब फिर से ट्रेडिंग करेगा। इस बीच उसने भी कहा कि फिक्स डिपॉजिट को लेकर लोगों में सुरक्षा भावना बढ़ी है। भले ही वहां कम ब्याज मिलता है, लेकिन जो है, उसकी गारंटी रहती है।
ब्याज दरें गिरने का पड़ा असर
कुछ समय से दुनिया भर के बाजारों के दबाव में अपने यहां भी जमा पर मिलने वाली ब्याज दरों में गिरावट आई। इसका असर शहर में भी दिखा। लोगों ने निवेश के लिए सोना, जमीन या फिर शेयर मार्केट की ओर रुझान किया। अब संकेत मिल रहे हैं कि रिजर्व बैंक बदलाव कर सकता है। इससे ब्याज दरें बढ़ेंगी। यह भी दिख रहा है कि बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी। इसकी वजह से भी लोग फिक्स डिपॉजिट की ओर आकर्षित होंगे। वित्तीय सलाहकार और निवेश के जानकार धुर्वेश सिंह राजपूत का मानना है कि शहर में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है, जो जोखिम से बचना चाहते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या, खासकर युवा वर्ग एफडी को सही क्षेत्र मान रहा है। राजपूत ने बताया कि शहर में अब निवेश की सलाह लेने वाले शेयर के साथ एफडी के बारे में भी जरूर पूछते हैं।