
most powerful bomb in india army
जबलपुर। देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहूति देने वाले सैनिकों के लिए जबलपुर शहर हमेशा से समर्पित रहा है। शहर की आयुध निर्माणियों ने समय समय पर सेना का मनोबल बढ़ाया है। यहां बनने वाला आयुध दुश्मन देशों के दांत खट्टे करने में काम आया है। इस शहर में बनने वाले बम बारूद से भारत देश ने कई जंग जीती हैं। पाकिस्तान चीन जैसे देश भी भारतीय सेना से डरने लगे हैं। सेना के लिए बहुत जल्द घातक बमों की नई खेप तैयार होने वाली है। इसके लिए बमों के महत्वपूर्ण अंग उनके खोल जबलपुर में तैयार होने जा रहे हैं। इसके लिए बकायदा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।news fact
तैयारी... 10 हजार बम की बॉडी बनेगी
जीआइएफ ने शुरू की एरियल बम के लिए हेड की ढलाई
वायुसेना के लिए 110-120 किग्रा एरियल बम की बॉडी तैयार करने वाली ग्रे आयरन फाउंड्री (जीआइएफ) में अब हेड की कमी नहीं होगी। फाउंड्री ने खुद इनकी नियमित ढलाई का काम फिर से प्रारंभ कर दिया है। हाल में इसकी कमी के कारण बम बॉडी तैयार नहीें हो पा रही थी। इससे फाउंड्री में अतिरिक्त काम के घंटों में कमी कर दी गई थी।
एरियल बम बॉडी जीआईएफ के प्रमुख उत्पादों में शामिल है। इस साल फाउंड्री को 10 हजार बम बॉडी तैयार कर देना है। बम का बाहरी ढांचा तो बनकर तैयार हो गया लेकिन उसमें ऊपरी भाग पर लगने वाला हेड नहीं होने के कारण डिस्पैच का काम बंद रहा। हेड की सप्लाई बाहर से होती है। उसकी सप्लाई बंद हुई तो बम बॉडी का काम भी प्रभावित हुआ। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान करीब 900 बम बॉडी ही बारूद फिलिंग के लिए आयुध निर्माणी खमरिया को डिस्पैच हो सकी।
जानकारी के अनुसार हेड की ढलाई का काम फाउंड्री में भी होता था, लेकिन करीब दो साल से अधिक समय से बाहरी फर्म पर निर्भरता बढ़ गई थी। अब जीआईएफ प्रबंधन ने खुद ही इसकी नियमित ढलाई करने का निर्णय लिया। यह काम शुरू भी हो गया है। एरियल बम की बॉडी कई भागों में रहती है। मैन बॉडी के अलावा हेड, सिलेंडर और टेल भी शामिल है।
Published on:
07 Jul 2018 10:35 am
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