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जबलपुर। मंडला रोड स्थित गौर के पास रहने वाले महोबिया परिवार के दो युवकों ने मां की मृत्यु होने पर मंगलवार को परिवार की सहमति से मां की देह मेडिकल के एनॉटामी विभाग को दान में दी है। मीराबाई (53) ने पूर्व मेें मंशा जाहिर की थी कि उनकी मृत्यु के उपरांत उनकी देह चिकित्सा में भविष्य बनाने वाले छात्र-छात्राओं को अध्ययन करने के लिए समर्पित की जाए।
बेटों ने देहदान कर मां का संकल्प पूरा किया
देहदान में सहयोग करने वाले सुबोध रिछारिया, सत्येन्द्र दास नेमा, सत्येन्द्र दासा हल्दकार आदि ने बताया कि गौर निवासी मीराबाई महोबिया की मृत देह एनॉटामी विभाग प्रमुख डॉ. एलएल अग्रवाल की मौजूदगी में दान की गई है। मीराबाई निजी अस्पताल में नर्स थी। उनकी मंगलवार की सुबह मृत्यु हो गई। बेटे नीरज, धीरज व उनके भाई संतोष और पुत्रवधु निधि ने लिखित में सहमति दी। इस दौरान डॉ. क्रांति कुमार गौर, डॉ. लवली जैन मौजूद थे।
साल का दूसरा देहदान
डॉ. अग्रवाल के मुताबिक यह साल का दूसरा देहदान हुआ है। मौजूदा हालात में देहदान कम ही हो रहा है। दरअसल, कोरोना की वजह से देहदान बंद हो गया था, अब फिर से शुरू हुआ है। मेडिकल अस्पताल में हर साल 18 से 20 देह की आवश्यकता पड़ती है। मौजूदा हालात में मेडिकल में छात्र-छात्राओं के अध्ययन के लिए 20 देह हैं।
Published on:
13 Jul 2022 12:32 pm

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