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ट्रेनों में नो रूम, दशहरा-दीपावली पर घर जाने वालों की मुसीबत बढ़ी

-मुंबई आना- जाना सबसे मुश्किल, 200 तक पहुंच गई है वेटिंग

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भारतीय रेल

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जबलपुर. अनलॉक में ट्रेनों का संचालन भले शुरू हो गया है लेकिन यात्रियों की मुसीबतें अभी भी कम नहीं हुई हैं। अब त्योहारों का मौसम आ गया है। दूर-दराज के लोग घर आने को उतावले हैं। लेकिन ट्रेनों में नो रूम की स्थिति हो गई है। खास तौर पर बड़े शहरों से आना-जाना मुश्किल हो गया है। ट्रेनों में 200-200 वेटिंग चल रही है अभी से।

बता दें कि जबलपुर से मुंबई तक के लिए एक मात्रा सीधी ट्रेन है गरीब रथ। कोरोना संक्रमण के चलते इसका परिचालन बंद कर दिया गया था। अनलॉक-4 में इसका संचालन शुरू हुआ तो यात्रियों को आरक्षित सीट के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। ये हाल है कि गरीब रथ में अतिरिक्त बोगियां लगानी पड़ रही हैं, फिर भी लोगों को आरक्षित सीट नहीं मिल पा रही है। बुधवार को भी जबलपुर-एलटीटी गरीबरथ में लंबी वेटिंग रही जिसके चलते अतिरिक्त बोगी लगानी पड़ी। वैसे सामान्यतया इस ट्रेन में 22 बोगियां होती हैं। इसके बाद करीब 1100 यात्रियों को मुंबई के लिए रवाना किया जा सका।

जानकारी के मुताबिक अक्टूबर से दिसंबर तक गरीब रथ, शक्तिपुंज, चित्रकूट, अमरकंटक समेत कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। हालांकि कई ऐसी ट्रेन भी हैं जिनकी सीटें फुल नहीं हो पा रही हैं। इनमें रीवा, सिंगरौली इंटरसिटी से लेकर जनशताब्दी, ओवरनाइट और गोंडवाना शामिल हैं। इन ट्रेनों में कोरोनाकाल के पहले जितनी भीड़ और वेटिंग हुआ करती थी, अब नहीं है। फिलहाल रेलवे इन ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चला रहा है।