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छात्रों की संख्या के आधार पर तय होंगी आरटीई की सीटें, खेल नहीं कर सकेंगे स्कूल

स्कूल शिक्षा विभाग ने नए सत्र 2024-25 से किया नियमों में बदलाव  

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जबलपुर . स्कूल शिक्षा विभाग ने नए सत्र 2024-25 से आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत स्कूलों में प्रवेश देने के नियमों में बदलाव किया है। निजी स्कूल अब इसका अनुचित लाभ नहीं ले सकेंगे। अब निचली कक्षा में दिए प्रवेश के आधार पर 25 फीसदी सीटों काे तय किया जाएगा। अभी इस तरह की प्रक्रिया नहीं थी। स्कूल क्षमता के आधार पर बच्चों को प्रवेश देते थे। इससे शासन को चपत लग रही थी। जिले में आरटीई के तहत 3 मार्च तक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन और सुधार, 5 मार्च तक सत्यापन, 7 मार्च तक रेंडम पद्धति से ऑनलाइन लॉटरी की प्रक्रिया कराई जाएगी।

इसलिए लिया निर्णय

दरअसल आरटीई को कई निजी स्कूलों ने आमदानी का जरिया बना लिया था। स्कूल निर्धारित क्षमता से अधिक सीट बताकर आरटीई कोटे की 25 फीसदी सीटों पर सामान्य बच्चों का प्रवेश दिखा देते थे। हर छात्र के अनुसार मिलने वाली राशि सीधे स्कूल के खाते में पहुंच जाती थी। इससे शासन को नुकसान होता था। साथ ही पात्र बच्चे वंचित रह जाते थे। प्रति छात्र 5600 रुपए की राशि स्कूल शिक्षा विभाग देता है। प्रदेश के कुछ जिलों में गड़बड़ी सामने आने पर इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

जिले में 775 स्कूल

जबलपुर जिले में 775 निजी स्कूल हैं। अभी इनमें पहली कक्षा में करीब 6500 सीट हैं। स्कूलों में आरटीई की सीटों का आकलन विभाग करवा रहा है। इसका ब्योरा बीईओ, बीआरसी, जन शिक्षा केंद्रों के माध्यम से दर्ज किया जाएगा।

इनका कहना है

निजी स्कूलों में आरटीई की सीटों का लाभ सीधे नहीं मिलेगा। अब स्कूलों में पहली कक्षा में दिए प्रवेश के आधार पर अगली कक्षाओं में सीटों का आकलन किया जाएगा।

प्रेम नारायण तिवारी, एपीसी जिला शिक्षा केंद्र

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