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तिल संकष्टी गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त, सभी संकट दूर होंगे करें गणेश जी की पूजा: पंचांग

तिल संकष्टी गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त, सभी संकट दूर होंगे करें गणेश जी की पूजा: पंचांग  

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sankashti chaturthi

जबलपुर। शुभ विक्रम संवत् : 2076, संवत्सर का नाम : परिधावी, शाके संवत् : 1941, हिजरी संवत् : 1441 , मु.मास : जमादि उल , अव्वल 17, अयन : दक्षिणायण, ऋतु : शिशिर ऋतुु , मास : माघ, पक्ष : कृष्ण पक्ष
तिथि - सूर्योदय से सायं: 05.32 मि. तक जया संज्ञक तृतीया तिथि रहेगी। इसके पश्चात् रिक्ता संज्ञक चतुर्थी तिथि लगेगी। तृतीया तिथि में धन के स्वामी कुबेर का पूजन करने से मनुष्य निश्चित ही विपुल धनवान बन जाता है तथा क्रय-विक्रयादि व्यापारिक व्यवहार में उसे अत्यधिक लाभ होता है। चतुर्थी तिथि में भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए। इससे सभी विघ्नों का नाश हो जाता है।
योग- सूर्योदय से अर्धरात्रि 04.58 मि. तक आयुष्मान योग रहेगा पश्चात सौभाग्य योग लगेगा। आयुष्मान योग के स्वामी चंद्रदेव हंै जबकि, सौभाग्य योग के स्वामी ब्रह्मदेव माने गए हैं।
विशिष्ट योग- दोनों ही योग बेहद शुभ माने जाते हैं। इनमें किए गए कार्य की सफलता सुनिश्चित रहती है। विवाह से सम्बंधित समस्त कार्यों के लिए सौभाग्य योग बहुत शुभ माना जाता है।
करण- सूर्योदय से सायं: 05.32 मि. तक विष्टि नामक करण रहेगा, पश्चात बव नामक करण लगेगा। इसके पश्चात् बालव नामक करण लगेगा।
नक्षत्र- सूर्योदय से प्रात: 09.54 मि. तक तीक्ष्ण दारुण आश्लेषा नक्षत्र रहेगा, पश्चात उग्र क्रूर मघा नक्षत्र लगेगा। अन्य कार्य सभी प्रकार के मंगल कार्यों के लिए आश्लेषा नक्षत्र निषिद्ध माने गए हैं। वहीं संन्यास, गृह त्याग, वानप्रस्थ, मुकदमेबाजी, भिक्षुक आदि कार्य आश्लेषा नक्षत्र में किए जा सकते हैं। वर-वधू की दिखाई रस्म, सगाई, विवाह आदि के लिए मघा नक्षत्र शुभ माने गए हैंं।

आज के मुहूर्त - अनुकूल समय में समस्त कृषि कर्म करने के लिए शुभ मुहूर्त हैं।
श्रेष्ठ चौघडि़ए - प्रात: 07.10 मि. से 08.31 मि. तक अमृत का चौघडिय़ा रहेगा। प्रात: 09.51 मि. से 11.12 मि. तक शुभ का चौघडिय़ा रहेगा एवं दोप. 01.53 मि. से सायं: 05.54 मि. तक क्रमश: चंचल लाभ व अमृत के चौघडिय़ा रहेंगे।
व्रतोत्सव- संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत। माघी चतुर्थी। तिल चतुर्थी। संकष्टहरिणी श्रीगणेश चतुर्थी। लोहड़ी पर्व (पंजाब व कश्मीर)। प्रात: 11.33 मि. पर बुध ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा- सूर्योदय से प्रात: 09.54 मि. तक चंद्रमा जल तत्व की कर्क राशि में रहेंगे, पश्चात अग्नि तत्व की सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। भद्रा - प्रात: 06.52 मि. से सायं: 05.32 मि. तक भद्रा का निवास भूलोक में रहेगा। दिशाशूल- पूर्व दिशा में। (आज के दिन पूर्व दिशा में यात्रा को टालना चाहिए)। राहु काल - प्रात: 08.31.14 से 09.51.43 तक राहु काल वेला रहेगी।
आज जन्म लिए बच्चे- आज जन्म लिए बच्चों के नाम (डो, मा, मी, मू, में ) अक्षरों पर रख सकते हंै। आज जन्मे बच्चों का जन्म चांदी के पाए में होगा। सूर्योदय से प्रात: 09.54 मि. तक कर्क राशि रहेगी पश्चात सिंह राशि रहेगी। आज जन्म लिए बच्चे की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक शरीर से सामान्य होंगे। सामान्यत: इनका भाग्योदय करीब 18 वर्ष की आयु में होगा। प्राय: लोकप्रिय व विवादित रहेंगे। जीवन में जनसुधार का कार्य करेंगे। थोड़े देशप्रेमी भी रहेंगे। कर्क राशि में जन्मे जातक को अत्यधिक चपलता से बचना चाहिए। सिंह राशि में जन्मे जातक को व्यसनी होने से बचना चाहिए।