3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मेडिकल में स्काईवॉक कॉरिडोर बना, मरीजों को पुराने से नए भवन में शिफ्ट करना होगा आसान

पुराने भवन में थी कमी,शिफि्टंग में समय बचेगा    

less than 1 minute read
Google source verification
Big news: Super Specialty Hospital Medical jabalpur

Big news: Super Specialty Hospital Medical jabalpur

जबलपुर . मरीजों को मेडिकल अस्पताल के पुराने से नए भवन में शिफ्ट करना अब आसान होगा। इसके साथ दवाईयां, ऑक्सीजन सिलेंडर और उपकरण भी एक से दूसरे भवन में ले जाने में आने वाली देरी नहीं होगी। नए अस्पताल ब्लॉक में महानगरों के अस्पतालों की तर्ज पर हर फ्लोर पर स्काईवॉक कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। पुराने अस्पताल में इसकी कमी खलती थी। इसी तरह से मेडिकल अन्य अस्पताल भवनों के निर्माण के दौरान भी स्काईवॉक कॉरिडोर के निर्माण का ध्यान नहीं रखा गया था।

500 बिस्तर के अस्पताल में 3 फ्लोर कनेक्ट

नए अस्पताल ब्लॉक को पुराने अस्पताल भवन से 3 फ्लोर में कनेक्ट किया गया है। इस अस्पताल ब्लॉक के निर्माण में प्रभारी रहे डॉ विकेश अग्रवाल ने बताया कि मेडिकल के मुख्य अस्पताल से एक्सटेंशन भवन को जोडऩे की प्रेरणा मुंबई के प्रतिष्ठित अस्पतालों से मिली थी। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए यहां निर्माण के दौरान अस्पताल के तीन फ्लोर आपस में स्काईवॉक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़े गए हैं।

अन्य अस्पताल भवनों में आती है समस्या

विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल के अन्य भवनों का जब निर्माण हुआ तो इस बात का ध्यान नहीं रखा गया कि वे मूल अस्पताल का एक्सटेंशन हैं। नतीजतन मूल अस्पताल से मरीज को सुपरस्पेश्यिलिटी अस्पताल, न्यूरो सर्जरी अस्पताल, पल्मोनरी मेडिसिन एक्सीलेंस स्कूल अस्पताल लाने-ले जाने में काफी समस्या होती है। इलाज मिलने में भी देर होती है।

इनका कहना है

मेडिकल का नया अस्पताल भवन मुख्य अस्पताल का एक्सटेंशन है, इसे ध्यान में रखकर तीन फ्लोर पर दोनों भवनों को आपस में जोड़ा गया है। जिससे की मरीजों को शिफ्ट करना सुगम हो।

डॉ.विकेश अग्रवाल, प्रभारी न्यू बिल्डिंग, मेडिकल अस्पताल

Story Loader