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बुनियादी ढांचे की कमी, खेल प्रतिभाएं कर रहीं पलायन

महानगरों व अन्य प्रदेशों में जाकर प्रशिक्षण ले रहे शहर के युवा  

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Sports

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जबलपुर . शहर में क्रिकेट को लेकर अच्छा माहौल है। गली-मोहल्लों से लेकर छोटे मैदानों में हर साल बड़ी संख्या में इनामी क्रिकेट स्पर्धा आयोजित होती हैं। शहर की एकेडमी से बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रतिभा सामने आ रही हैं। लेकिन, यहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम व अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के चलते क्रिकेट प्रतिभाएं दूसरे महानगरों या अन्य प्रदेशों में जाकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जबलपुर को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आवश्यकता है।

इंदौर-मुंबई जाकर प्रशिक्षण ले रहे युवा

अंडर 16, अंडर 18 व अन्य आयु वर्ग के उदीयमान क्रिकेटर उपयुक्त क्रिकेट स्टेडियम व अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण अन्य राज्यों में पलायन के लिए मजबूर हैं। यहां के कई क्रिकेटर दूसरे शहरों से लेकर राज्यों में जाकर प्रशिक्षण ले रहे हैं। क्रिकेट प्रशिक्षकों का कहना है कि खिलाड़ी के लिए अभ्यास बहुत ही जरूरी है। लेकिन नगर में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए मापदंडों के अनुरूप एक भी क्रिकेट स्टेडियम नहीं है।

समूचे महाकोशल से आते हैं खिलाड़ी

क्रिकेट प्रशिक्षकों के अनुसार कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी से लेकर समूचे महाकोशल से बच्चे क्रिकेटर बनने के सपने के साथ यहां आते हैं। कुछ समय यहां प्रशिक्षण भी लेते हैं, लेकिन बेसिक गुर सीखने के बाद वे अन्य महानगरों के लिए रवाना हो जाते हैं। उन्हें यहां अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप क्रिकेट से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं मिलता है। बाहर वे अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल सकते हैं।

इनका कहना है

जबलपुर महानगर का स्वरूप ले रहा है, यहां के बच्चों को क्रिकेट के अभ्यास के बेहतर अवसर मिल सकें इसके लिए रानीताल स्टेडियम का विस्तार सबसे बेहतर विकल्प है। इस दिशा में पहल की जाए तो यहां से ज्यादा संख्या में क्रिकेट प्रतिभाएं सामने आ सकेंगीं।

किशोर बेन, क्रिकेट कोच

खिलाडि़यों के लिए अभ्यास सबसे आवश्यक है, नगर में उन्हें अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात मिल जाए तो यहां प्रतिस्पर्धी क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन बढ़ेगा और जबलपुर समेत आसपास के अंचल के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।भावना श्रीवास्तव, क्रिकेट कोच, बीसीसीआई

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