5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मेडिकल पीजी प्रवेश के मसले पर मप्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

कोर्ट ने पूछा- जनरल पूल में कैसे बदल दी एनआरआइ कोटे की सीट

less than 1 minute read
Google source verification
supreme court of india

Supreme Court,High Court,MP High Court,Medical PG,supream court news,

जबलपुर. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मप्र सरकार से पूछा कि निजी मेडिकल कॉलेजों के पीजी कोर्सेज में प्रवेश के लिए एनआरआइ कोटे की आरक्षित सीटों को जनरल पूल में कैसे बदल दिया गया? जस्टिस एल. नागेश्वर राव व जस्टिस एमआर शाह की खंडपीठ ने तत्काल इसका जवाब मांगा। मप्र हाईकोर्ट के उस आदेश को सुको में चुनौती दी गई है, जिसमें एनआरआइ कोटे की सीटों को जनरल पूल में बदलने की अनुमति दे दी गई थी। अगली सुनवाई सोमवार को होगी।

यह है मामला
प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के एसोसिएशन व एनआरआइ छात्रों ने दो अलग-अलग अपीलों में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रत्येक निजी मेडिकल कॉलेज में पीजी कोर्सेज के लिए 15 प्रतिशत सीटें एनआरआइ कोटे के तहत आरक्षित हैं। इन्हें सामान्य वर्ग में परिवर्तित कर बेचा जा रहा है। इसके खिलाफ याचिका पर चार मई को मप्र हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार के आग्रह पर द्वितीय चरण के बाद रिक्त एनआरआइ सीटों को जनरल पूल में बदलने के निर्देश दिए थे। इस निर्णय व इसके परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा कोटे की सीटें जनरल पूल में बदलने की प्रक्रिया को कठघरे में रखते हुए सुको में ये अपीलें दायर की गईं। वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायणन व अधिवक्ता सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता ने एसोसिएशन की ओर से व एनआरआइ छात्रों की ओर से अधिवक्ता सौरभ मिश्रा, निशीथ अग्रवाल ने तर्क दिया कि सुको के दिशा-निर्देश के तहत एनआरआइ कोटे की सीटों का पूल नहीं बदला जा सकता। प्रारम्भिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने मप्र सरकार सहित अन्य अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कि या।