
suspected Bangladeshi caught with Aadhaar card in ordnance factory
जबलपुर। सेना के लिए गोला-बारुद बनाने वाली देश की बड़ी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में पकड़े गए कथित बांग्लादेशियों के मामले की गुत्थी अभी भी नहीं सुलझी है। वहीं, प्रारंभिक जांच में इन ठेका श्रमिकों के पास मिले आधार कार्ड में उनका पश्चिम बंगाल से कनेक्शन सामने आया है। ओएफके में में ठेका श्रमिकों की जन्मतिथि एक सी होने के संदिग्ध मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने श्रमिकों के आधार कार्ड से फिंगर का मिलान कराया। इसमें उनके पश्चिम बंगाल का निवासी होने की पुष्टि हो गई है। लेकिन, पुलिस वेरी फिकेशन रिपोर्ट की जांच अभी होना शेष है। इसके लिए एक टीम पश्चिम बंगाल रवाना हो रही है।
मामला संदिग्ध
इस बीच मामला संदिग्ध होने के कारण देश की कई जांच एजेंसियां भी सक्रिय गई हैं। अधिकारियों ने फैक्ट्री प्रशासन से दस्तावेज लिए हैं। ओएफके में सुरक्षा विभाग की जांच में एक ठेकेदार के २५ से २४ ठेका श्रमिकों की जन्म तिथि १ जनवरी थी। हालांकि, सन अलग-अलग रहा। एक सी जन्म तारीख होने के कारण इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी का संदेह जताया गया। सुरक्षा विभाग ने इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ महाप्रबंधक को सौंपी। अपने स्तर पर जांच के बाद फैक्ट्री प्रशासन ने इस मामले को पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अपने स्तर पर इसकी जांच कर रही है।
पीवीआर जांच
रांझी सीएसपी अखिल वर्मा ने बताया कि पुलिस के पास जांच के लिए मामला आया है कि पश्चिम बंगाल के इन ठेका श्रमिकों की जन्म तारीख एक सी कैसे है। इनका पीवीआर भी किया गया है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के आधार कार्ड की जांच की गई। उनके उंगलियों के निशान मैच हो गए हैं। इस आधार पर सभी का पता पश्चिम बंगाल का है। इसलिए प्रारम्भिक जांच में इनके बांग्लादेशी होने जैसी बात सामने नहीं आई है। उनका कहना था कि पीवीआर की जांच के लिए एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी जा रही है।
Published on:
02 Apr 2018 09:54 am

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