3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आपने जिस तरह की हरकत की, वैसी तो जाहिल और गंवार भी करते

जबलपुर के मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट्स के बीच हुए मारपीट ने उठाया गम्भीर सवाल, बिना अनुमति लिए रंगारंग पार्टी करने की हिम्मत कैसे पड़ी? लाखों के विकास कार्यों का कबाड़ा करते वक्त हाथ क्यों नहीं कांपे?  

less than 1 minute read
Google source verification
आपने जिस तरह की हरकत की, वैसा तो जाहिल और गंवार भी करते

fight-student

जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने जब आपस में मारपीट की तो, सुनने वालों का दिमाग सन्न रह गया। क्योंकि, इस तरह की हरकत स्टूडेंट्स तो छोड़ें जाहिल-गंवारों से भी नहीं की जा सकती। खुद छात्रों ने ही दो साल पहले मेडिकल के छात्रावास में बेहतर सुविधा की मांग की थी। उसके बाद लाखों रुपए खर्च कर छात्रावास को संवारा गया। आधुनिक टॉयलेट बनाए गए थे। मरम्मत और रंगरोगन भी की गई थी। लेकिन, शनिवार देर रात मेडिकल स्टूडेंट के बीच मारपीट और तोडफ़ोड़ में लाखों रुपए के कार्यों पर पानी फिर गया। पता चला है कि कोरोना काल में भी छात्रों की गेदरिंग पार्टी हुई। इसके लिए कॉलेज प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। छात्रों ने सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया, फिर भी पुलिस में प्रकरण दर्ज नहीं कराया गया।

छात्रावासी छात्र एनुअल डे सेलिब्रेट कर रहे थे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच छात्रावास की छत पर खाना-पीना चल रहा था। तभी डांस के दौरान धक्का लग जाने से शुरू हुई कहासुनी हाथापाई तक जा पहुंची। हालांकि, छात्रों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हो गया। सभी अपने छात्रावासों में लौट गए। रात करीब एक बजे छात्रावास क्रमांक-1 और छात्रावास क्रमांक-2 के छात्र छात्रावास क्रमांक-3 में रॉड, बैट-डंडे लेकर घुस गए और वहां रह रहे छात्रों से मारपीट की। दूसरे गुट की ओर से भी ईंट-पत्थर बरसाए गए। उसके बाद छात्रों ने हॉस्टल-3 में तोडफ़ोड़ की। बाथरूम की टाइल्स, वॉश बेसिन, शीशे, दरवाजे-खिड़कियों को तोड़ दिया। छात्रों के दोपहिया वाहनों में भी तोडïफ़ोड़ की। हंगामे की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची तो छात्र भाग गए। घटना की जानकारी मिलने पर कॉलेज प्रशासन ने तुरंत बैठक की। जिन 16 छात्रों को निलम्बित किया गया है, उनमें एमबीबीएस और पीजी के छात्र शामिल हैं।

Story Loader