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waste to energy plant : पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान को यहां लगा झटका, बंद होने की कगार पर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट

- पूरी क्षमता से प्लांट को चलाना हुआ मुश्किल - नगर निगम पर्याप्त कचरा उपलब्ध कराने में नाकाम - मंत्री ने कहा- कचरा कलेक्शन में हीलाहवाला नहीं चलेगा- अधिकारियों से भी किए जवाब-तलब

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Kathaunda Plant jabalpur

Kathaunda Plant jabalpur

जबलपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को ठोस धरातल पर उतारने के लिए जबलपुर में शुरू हुआ महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब दम तोडऩे की कगार पर पहुंच गया है। पीएम अपने भाषणों में जबलपुर के कठौंदा स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का कई बार जिक्र भी कर चुके हैं। बीते दिनों जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री और मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह एवं नगरीय विकास मंत्री जयवद्र्धन सिंह ने कठौंदा स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट तथा दमोहनाका स्थित कंट्रोल एंड कमांड सेंटर एवं आईटीएमएस सेंटर का अवलोकन किया।

बड़ा सवाल प्लांट बंद हुआ तो कैसे होगा कचरे का निपटान
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को पर्याप्त कचरा नहीं मिल पा रहा है। प्लांट को पूरी क्षमता से चलाने के लिए 600 टन कचरे की जरूरत होती जबकि जबलपुर नगर निगम जैसे-तैसे करके 400 टन ही उपलब्ध करा पाता है। इन हालात में प्लांट चलाना न केवल घाटे का सौदा साबित हो रहा बल्कि बिजली का उत्पादन लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो रहा। सूत्रों की मानें तो पौने दो सौ करोड़ का यह वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बिकने की कगार पर पहुंच चुका है। अगर ऐसा हुआ तो जबलपुर से निकलने वाले कचरे के निपटान की बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।

मंत्री ने कहा- कचरा कलेक्शन में हीलाहवाला नहीं चलेगा
प्रभारी मंत्री प्रियव्रत सिंह की मौजूदगी में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन योजना के अलावा ओमती व मोतीनाला की चौड़ाई का मुद्दा भी स्मार्ट सिटी की समीक्षा बैठक में छाया रहा। जिले के प्रभारी मंत्री प्रियव्रत सिंह, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जयवद्र्धन सिंह एवं सामाजिक न्याय मंत्री लखन घनघोरिया ने विकास कार्यों की समीक्षा की। नगरीय विकास मंत्री ने कवर्ड नाला निर्माण की जांच के लिए नए सिरे से डीपीआर बनाने नगर निगम को निर्देशित किया। वहीं कचरा कलेक्शन में हीलाहवाली पर नगर निगम और कंपनी की जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई।

अधिकारियों से किए जवाब-तलब
स्मार्ट सिटी कार्यालय में हुई बैठक में कमिश्नर आशीष कुमार ने शहर में चल रही स्मार्ट की योजना और आगामी प्रोजेक्ट की जानकारी दी। मंत्री जयवद्र्धन सिंह का कहना था कि वाटर हार्वेस्टिंग को अभियान बनाया जाए। इसका रिकॉर्ड तैयार करें। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन पर कचरे की स्थिति पर अधिकारियों से सवाल किए गए। नगरीय विकास मंत्री का कहना था कि जब इस काम में ठेका कंपनी को संसाधन नगर निगम से दिए जा रहे हैं तो फिर तो फिर निगम ही इसे क्यों नहीं देखे। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में कचरे की कमी की बात सामने आई। सामाजिक न्याय मंत्री ने लखन घनघोरिया ने कहा कि पूरे शहर में कचरा फैला है। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष राजेश सोनकर ने आरोप लगाया कि निगम ने ठेका कंपनी को जमाई बनाकर रखा है। मंत्री जयवद्र्धन ने कहा पूरे मामले की समीक्षा करे। बैठक में कठौंदा स्थित बेस्ट टू एनर्जी प्लांट की स्थापना से लेकर नक्शा स्वीकृति की जांच कराने के निर्देश दिए गए।

जलप्लावन पर भी जताई नाराजगी
शहर के प्रमुख मोतीनाला एवं ओमती नाला की चौड़ाई कम करने पर सवाल उठाए गए। प्रभारी मंत्री प्रियव्रत सिंह का कहना था कि 100 से 120 फीट चौड़े नालों को 12 फीट कर दिया गया है तो पानी भरेगा। यही कारण है कि 23 सौ परिवारों को जलप्लावन से हुए नुकसान के लिए सरकार मुआवजा दे रही है। उन्होंने भी इसकी डीपीआर का परीक्षण करने की बात कही। सामाजिक न्याय मंत्री ने कहा कि आधा घंटा पानी गिरता है तो नालों के किनारे रहने वालों की धड़कन बढ़ जाती है

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