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राजस्थान की 1.33 करोड़ महिलाओं के साथ धोखा, स्मार्ट मोबाइल फोन अटका

सितम्बर में होनी थी शुरुआत, दिसम्बर भी निकल रहा

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राजस्थान की 1.33 करोड़ महिलाओं के साथ धोखा, स्मार्ट मोबाइल फोन अटका

राजस्थान की 1.33 करोड़ महिलाओं के साथ धोखा, स्मार्ट मोबाइल फोन अटका

जयपुर। प्रदेश की 1.33 करोड़ चिरंजीवी परिवारों की महिला मुखिया को मुफ्त में स्मार्ट मोबाइल फोन देने का प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है। सरकार ने पहले सितम्बर और फिर नवम्बर से मोबाइल फोन वितरण शुरू करने का दावा किया था, लेकिन अब तक तो अनुबंधित कंपनियों को कार्यादेश तक नहीं दिया गया। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (डीओआईटी) भी 'ऊपर' से आदेश मिलने इंतजार कर रहा है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार होमवर्क कर रही है कि मोबाइल फोन प्रोजेक्ट पर 12 हजार करोड़ का खर्चा आएगा। इसी पैसे से गैस सिलेण्डर सब्सिडी जैसे कोई अन्य काम किए जा सकते हैं या नहीं? संभवतया मोबाइल की खरीद दर भी एक इश्यू है। हालांकि, डीओआईटी अफसर राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में सरकार के व्यस्त होने के कारण देरी होने का दावा कर रहे हैं।
..तो 9 से 12 माह का वक्त लगेगा

1.33 करोड़ महिलाओं तक मोबाइल फोन पहुंचाने में 9 से 12 माह का समय लगेगा। यदि जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह से काम शुरू होता है तो भी कम से कम सितम्बर तक काम पूरा करना ही होगा, जो किसी चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि, संभव है कि अक्टूबर में चुनाव की आचार संहिता लागू हो जाए। मोबाइल के साथ तीन साल तक डेटा भी फ्री होगा।

न्यूनतम स्पेसिफिकेशन के फोन की बाजार कीमत केवल 3-4 हजार.

विभाग ने योजना की आरएफपी में स्मार्ट फोन के स्पेसिफिकेशन न्यूनतम रखे हैं। उदारहण के तौर पर न्यूनतम दो जीबी रैम होनी चाहिए। वहीं प्रोसेसर व चिप सेट में भी केवल कम्पनी का नाम रखा है। विशेषज्ञों के अनुसार बेसिक स्पेसिफिकेशन के फोन बाजार में 3-4 हजार रुपए बिल्कुल आसानी से मिल जाते हैं।

रिलायंस और एयरटेल को काम

मोबाइल, डेटा उपलब्ध कराने का काम रिलायंस जियो और एयरटेल को सौंपा गया है। 60 प्रतिशत रिलायंस और बाकी 40 प्रतिशत एयरटेल को देने हैं। वितरण तक ही व्यवस्था इन्हीं को करनी होगी।

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