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बाल सुधार गृह से 15 बाल अपचारी भागे, आठ की हो गई थी जमानत

  वेंटिलेशन शाफ्ट तोड़कर निकले, तीन गार्ड और दो केयर टेकर को नहीं लगी भनक पकड़ने को अलग-अलग टीमों का गठन

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जयपुर

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GAURAV JAIN

Jun 29, 2023

बाल सुधार गृह से 15 बाल अपचारी भागे, आठ की हो गई थी जमानत

बाल सुधार गृह से 15 बाल अपचारी भागे, आठ की हो गई थी जमानत

जयपुर. ट्रांसपोर्ट नगर थाना इलाके में सेठी कॉलोनी स्थित बाल सुधार गृह से मंगलवार देर रात साढ़े तीन बजे 15 बाल अपचारी वेंटिलेशन शाफ्ट तोड़कर भाग गए। इनमें से आठ बाल अपचारी की बुधवार को जमानत हो गई थी। सुबह बाल अपचारियों को गायब देखकर पुलिस को जानकारी दी गई तो हड़कंप मच गया। सूचना पर डीसीपी ज्ञानचन्द्र यादव, एडिशनल डीसीपी अवनीश कुमार और थानाप्रभारी जयप्रकाश पूनियां मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एफएसएल की मदद से साक्ष्य जुटाए। सीसीटीवी फुटेज चेक किए। पुलिस ने भागे बाल अपचारियों को पकड़ने के लिए अलग अलग टीमों का गठन किया है।

सुबह छह बजे चला पता

पुलिस ने बताया कि बाल सुधार गृह में बुधवार सुबह 6 बजे गार्ड्स ने जांच की तो घटना का पता चला। भागने वाले बाल अपचारियों ने दूसरे कमरों में सो रहे बाल अपचारियों के गेट की कुंदियां लगा दी थी। भागने वाले श्याम नगर, मानसरोवर, जालूपुरा, शिप्रापथ, शिवदासपुरा, हरमाड़ा, मुरलीपुरा, रेनवाल मांझी, प्रताप नगर, मुहाना और महेश नगर के निवासी हैं।

तीन गार्ड थे मौजूद, भनक तक नहीं लगी

पुलिस ने बताया कि बाल अपचारियों ने लोहे की पत्ती से वेंटिलेशन शाफ्ट में सुराख किया। इससे पहले उन्होंने टीवी की आवाज को तेज कर दिया और कूलर चलने की वजह से गार्ड को इसकी भनक तक नहीं लगी।

वकील जमानत लेकर आए

बाल सुधार गृह से भागने वाले आठ बाल अपचारी की जमानत हो गई थी। वकील बुधवार दोपहर 12 बजे ऑर्डर लेकर बाल सुधार गृह पहुंचे तो मामले का पता चला। इसके बाद परिजन से संपर्क कर बुलाने के प्रयास शुरू किए।

80 बाल अपचारी और आठ गार्ड

बाल सुधार गृह में 80 बाल अपचारी हैं और सुरक्षा के लिए आठ गार्ड तैनात हैं। ये सभी गार्ड प्राइवेट संस्था के हैं। मंगलवार रात को तीन गार्ड और दो केयर टेकर मौजूद थे।

जहां खतरा नहीं था वहीं से कूद कर भागे

बाल अपचारियों को इस बात की पूरी जानकारी थी कि मनोचिकित्सालय की दीवार ऊंची है। इस कारण वहां गार्ड का पहरा नहीं रहता है। इसी दिशा में बने वेंटिलेशन शाफ्ट को तोड़कर बाहर निकले। इसके बाद मनोचिकित्सालय की दीवार से सटे पेड़ पर चढ़ गए और फिर उतर कर भाग गए।