18वीं राष्ट्रीय स्काउट गाइड जम्बूरी : 66 साल के बाद फिर मिली जिम्मेदारी
पाली में होगी 18वीं राष्ट्रीय स्काउट गाइड जम्बूरी
वसुधैव कुटुम्बकम को प्रदर्शित करेगी जम्बूरी
तीन हजार से अधिक स्काउट गाइड लेंगे जम्बूरी में भाग
देश से ही नहीं विदेश से भी स्काउट गाइड करेंगे जम्बूरी में शिरकत
जयपुर। राजस्थान स्काउट गाइड संगठन एक बार फिर 66 साल बाद राष्ट्रीय स्काउट गाइड जम्बूरी का आयोजन करेगा। 1956 के बाद संगठन को इसके आयोजन की जिम्मेदारी मिली है। राजस्थान राज्य भारत स्काउट और गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त निरंजन आर्य ने बताया कि जम्बूरी पाली जिले के रोहट में आयोजित की जाएगी। जिसमें देश विदेश से तकरीबन तीन हजार स्काउट गाइड भाग लेंगे। आर्य ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वयं स्काउट रहे हैं और उनका स्काउटिंग के प्रति अत्यधिक लगाव है। उनके माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार ही प्रदेश में राष्ट्रीय जम्बूरी का आयोजन किया जाना निश्चित किया गया है। जम्बूरी आयोजन के लिए पाली जिले के रोहट में स्थित भूमि का चयन किया गया है, जहां लगभग 30 हजार संभागियों के 10 दिन तक रहने, पानी, बिजली, दैनिक सुविधाओं इत्यादि की सुचारू और सुव्यवस्थित व्यवस्था के लिए कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। संबंधित विभागों को इस आयोजन से संबंधित कार्य आवंटित किए जा रहे हैं। आर्य ने कहा कि इसके आयोजन के लिए राज्य सरकार से बजट आवंटन की स्वीकृति शीघ्र ही प्राप्त हो जाएगी।
आर्य ने कहा कि राष्ट्रीय जम्बूरी में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। अब तक की जम्बूरियों में राजस्थान प्रदेश का दल सर्वोच्च पदक प्राप्त करता रहा है। इन गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के आयोजन का जिम्मा राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली की ओर से सम्भाला जाता है।
सार्क देशों को भी किया जाएगा आमंत्रित
आर्य ने जम्बूरी में सहभागिता के संदर्भ में बताया कि हमारा प्रयास है कि न केवल राष्ट्रीय बल्कि दूसरे देशों के संभागी भी इसमें बढ़ चढ़कर भाग लें। इसके लिए सार्क देशों के साथ अन्य देशों को भी आमंत्रित किया जाएग। विदेशी सहभागिता से हमारे बालक.बालिकाओं को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। एक दूसरे की सभ्यता व संस्कृति, रहनसहन, भाषा, खानपान इत्यादि से रूबरू होंगे और यह जम्बूरी वसुधैव कुटुम्बकम को प्रदर्शित करेगी। निरंजन आर्य ने कहा कि पिछले कई सालों से राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अन्य पुरस्कार प्राप्त करने के बावजूद भी इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है इसलिए हमारा प्रयास है कि राष्ट्रीय और अन्य पुरस्कार प्राप्तकर्ता विद्यार्थियों को नौकरी व प्रवेश में इनका फायदा मिले इसके लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया जा रहा है।