दिल्ली और पंजाब की तर्ज पर मिल सकती है रियायत
जयपुर। राज्य सरकार प्रदेशवासियों के लिए फ्री बिजली गिफ्ट का दायरा बढ़ा सकती है। दिल्ली या पंजाब की तर्ज पर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इसे बढ़ाकर 200 से 300 यूनिट तक करने पर विचार चल रहा है। इसके अलावा कृषि उपभोक्ताओं को भी और ज्यादा अनुदानित बिजली का तोहफा देने की तैयारी है। सरकार ने डिस्कॉम्स से इससे जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है। इसमें स्लेब अनुसार बिजली खपत और उसकी बिलिंग से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है। अभी तक घरेलू उपभोक्ताओं को 50 यूनिट फ्री बिजली दी जा रही है। इसमें स्लेब अनुसार अलग-अलग अनुदान शामिल है। इससे उपभोक्ता को 250 से 780 रुपए तक का फायदा हो रहा है।
दिल्ली और पंजाब में यह व्यवस्था
1. दिल्ली : 200 यूनिट तक का बिल शून्य आ रहा है। यदि बिजली यूनिट 201 से लेकर 400 यूनिट तक है तो बिजली खपत के आधार पर बनने वाले बिल में 50 प्रतिशत सब्सिडी दे रहे।
2. पंजाब : राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को हर माह 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जा रही है। हालांकि, राजनेताओं को इसका लाभ नहीं दिया गया है।
किसानों पर भी फोकस
किसानों को मुफ्त बिजली का तोहफा मिल सकता है। अब तक किसानोंं के विद्युत बिलों का 85 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार वहन कर रही है। बाकी 15 फीसदी राशि भी सरकार स्तर पर ही वहन करने पर विचार किया जा रहा है।
यह भी संभव
-राज्य में अब एक ओर नई बिजली कंपनी बन सकती है। इसका नाम 'आईटीकॉम' प्रस्तावित किया गया है। इसमें मौजूदा तीन बिजली कंपनियों (जयपुर, अजमेर व जोधपुर विद्युत वितरण कंपनी) की आइटी विंग को शामिल किया जाएगा। स्मार्ट मीटरिंग, इआरपी व बिलिंग सॉफ्टवेयर से लेकर सूचना प्रोद्योगिकी से जुड़े सभी काम नई कपंनी के जिम्मे की जरूरत जताई गई है।
-नए विद्युत कार्यालय खोलने की जरूरत। उपभोक्ताओं के बढ़ती संख्या और संसाधनों की कमी को हुए डिस्कॉम्स ने नए कार्यालय खोलने और 200 से ज्याद पद नए पद सृजित करने की जरूरत जताई है।
-सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लैस करने पर काम होना है। अभी करीब 7 लाख उपभोक्ताओं के ही स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
-प्रदेश सोलर एनर्जी में पहले पायदान पर है, लेकिन अब भी ज्यादातर सोलर एनर्जी राज्य से बाहर जा रही है। राज्य की हिस्सेदारी निर्धारित की जा सकती है।