
हर घर पर तिरंगा फहराने का अभियान
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देश भर में मनाए जाने वाले हर घर तिरंगा कार्यक्रम के तहत राजस्थान ने केन्द्र सरकार को 30 लाख झंडों का ऑर्डर दिया है। सभी राज्यों में तिरंगों की आपूर्ति केन्द्र सरकार की ओर की जाएगी। आम जन के लिए निजी आवास पर झंडा फहराने की स्थिति में तिरंगे को रात में उतारने की बंदिश अब नहीं होगी।
13 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने झंडा फहराने की प्रक्रिया को आसान बनाया है। इस बारे में ध्वज संहिता में संशोधन किए गए हैं। सरकार ने झंडे का आकार और डिजायन बताया है। केन्द्र ने झंडों की आपूर्ति के लिए भी राज्यों को रियायत दी है। राज्य पहले झंडे मंगाएंगे। बिक्री के बाद शेष झंड़ों को वापस केन्द्र सरकार को लौटाने का विकल्प होगा।
ध्वज संहिता में संशोधन से हुई प्रक्रिया आसान
ध्वज संहिता में ये संशोधन
● राष्ट्रीय ध्वज अब हाथ से कता या बुना होने के अलावा मशीन निर्मित सूती, पॉलिस्टर, ऊनी, सिल्क आदि कपड़े का हो सकता है।
● ध्वज खुले स्थान या निजी आवास पर लगाया जाता है तो दिन और रात में फहराया जा सकता है।
13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम
जिलों में काउंटर बनाकर झंडों की बिक्री रियायती दर पर की जाएगी। सबसे पहले अजमेर और बीकानेर में ढाई-ढाई लाख झंडे भेजे गए हैं। सभी संभागीय आयुक्तों को कार्यक्रम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। पंचायती राज सचिव नवीन जैन के अनुसार सरकार के जनता से सीधे जुड़े 12 विभिन्न विभागों को भी सहयोग के लिए कहा गया है।
Published on:
30 Jul 2022 11:27 pm
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