
राजस्थान वास्तुकलाओं और अपनी संस्कृति के मामले में जितना संपन्न है उतना ही इतिहास के मामले में भी। राजस्थान ने प्राचीन काल में बहुत कुछ देखा है। कई बुरी और कई अच्छी चीजें। इसका इतिहास काफी रहस्यमयी है। पर्यटक यहां घूमने आते हैं, लेकिन राजस्थान के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां आप भूलकर भी न जाएं तो बेहतर होगा, क्योंकि ये भूतिया जगहों में से एक है। कहा जाता है कि यहां आत्माओं का कब्जा है। हालांकि कई टूरिस्ट यहां के रहस्य को अनुभव करने आते रहते हैं। ऐसे में दिन के उजाले में ही इसका आनंद लेने जाएं।

भानगढ़ किला राजस्थान में अलवर जिले के राजगढ़ तहसील में गोला का बास के पास है। यह दुनिया की सबसे डरावनी जगहों में से एक है। माना जाता है कि इस किले की रानी रत्नावती पर एक तांत्रिक की बुरी नजर थी। लेकिन रानी उसकी बुरी नियत को जानती थी। बता दें कि तांत्रिक तो मर गया लेकिन उसका श्राप रानी के साथ हमेशा रहा। उस तांत्रिक के काले जादू ने पूरे महल को पैरानॉर्मल एक्टिविटी के साथ घेर लिया। जिसके बाद इस किले में तांत्रिक के भूत की चिख, मदद के लिए रोती हुई महिलाएं और चूड़ियों की खनकती आवाज़ आती रहती है।

जैसलमेर से कुछ दूर स्थित कुलधरा गांव दूसरा सबसे डरावना टूरिस्ट प्लेस है। 2010 में आई मूवी "कालू" इसी गावं की सच्चाई बताती एक हॉरर मूवी है। प्राचीन काल में दीवान सलीम सिंह की नजर गांव की ब्राह्मण बेटी पर थी। गांव की बेटी को बचाने के लिए गांव वालों ने रातों रात गावं खाली कर दिया, तब से यह गांव विरान पड़ा है। जाते हुए उन्होंने इस गांव को श्राप दिया कि जो भी इस गांव में बसने आएगा वह बर्बाद हो जाएगा। हालांकि अब सरकार ने इसे टूरिस्ट प्लेस घोषित कर दिया है, जहां आप दिन के उजाले में जा सकते हैं लेकिन रात के अंधेरे में यहां जाना सख्त मना है।

अरावली पहाड़ियों के किनारे स्थित नाहरगढ़ किले से आप पूरे गुलाबी शहर का नजारा देख सकते हैं। इस किले का निर्माण सवाई राजा मान सिंह ने आमेर किले और जयगढ़ किले के साथ करवाया था। कहा जाता है कि राजा को अपनी रानियों के लिए बनवाए गए इस विशेष किले का इतना शौक था कि उनकी मृत्यु के बाद भी, नाहरगढ़ किले में उनकी आत्मा भटकती रहती है।

चित्तौड़गढ़ का राणा कुंभा महल राजस्थान का एक भुतहा किला है, जहां के गुप्त कक्ष और महिलाओं की चीखें आपको परेशान कर देंगी। इसका इतिहास काफी दर्दनाक रहा है। प्राचीन काल में यहां दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने हमला किया था जिनसे खुद को बचाने के लिए महारानी पद्मिनी ने 700 महिला अनुयायियों के साथ जौहर (आत्मदाह) कर लिया। तब से यहां लोगों ने मदद मांगती महिलाओं की चीखें सुनीं है। लेकिन आज यह एक टूरिस्ट प्लेस है जहां दिन के उजाले में दूर-दराज से लोग घूमने आते हैं।

कई लोगों का मानना है कि जोधपुर के किले में भूत-प्रेतों का वास है क्योंकि इस किले में कई दर्दनाक और दुखद घटनाएं हो चुकी हैं। यहां कई राजा- रानियों की हत्याएं हुई हैं। साथ ही कई लोगों को कैद कर प्रताड़ित भी किया गया था। लोगों का कहना है कि यहां आत्माओं का राज है। यहां पर मौजूद 8वां द्वार आज भी रहस्यमयी है।