अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन से पहले मंगलवार को विधानमंडलों के सचिवों का 59 वां सम्मेलन एक पांच सितारा होटल में चल रहा है।
जयपुर। अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन से पहले मंगलवार को विधानमंडलों के सचिवों का 59 वां सम्मेलन एक पांच सितारा होटल में चल रहा है। लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह और राज्यसभा महासचिव प्रमोद चंद्र मोदी की मौजूदगी में हो रहे सम्मेलन में देश भर के विधान मंडलों के सचिव हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन की शुरुआत राजस्थान विधानसभा के सचिव महावीर शर्मा के स्वागत भाषण के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न राज्यों के विधान मंडलों के सचिवों ने अपने यहां की संचालन प्रक्रिया, नियम और परंपराएं, विधानसभाओं में अध्यक्षीय परंपराओं सहित विभिन्न पहलूओं पर अपने विचार रखे। सम्मेलन में अलग अलग सत्र चल रहे है।
पीठासीन अधिकारी सम्मेलन 11 से
राजस्थान विधानसभा में 11 साल बाद अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन 11-12 जनवरी को किया जाएगा। सम्मेलन का उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे। सम्मेलन से संबंधित सभी तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। बुधवार से होने वाले सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी.जोशी अतिथियों का स्वागत करेंगे। समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंशनारायण सिंह सहित विभिन्न विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष मौजूद रहेंगे। राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता गुलाब चन्द कटारिया धन्यवाद ज्ञापित करेंगे।राजस्थान विधानसभा के मुख्य हाल में आयोजित होने वाले सम्मेलन में तीन सत्रों में लोकतंत्र, संसद व विधानमण्डलों को प्रभावी बनाने के लिए सार्थक चर्चा होगी। सम्मेलन का समापन समारोह 12 जनवरी को दोपहर 12 बजे से होगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल कलराज मिश्र होंगे।
पुस्तक प्रदर्शनी भी लगेगी :
दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन के दौरान विधानसभा परिसर में एक पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यह प्रदर्शनी संसद पुस्तकालय एवं राजस्थान विधानसभा पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में होगी। राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि संसदीय विषयों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण पुस्तकें इस प्रदर्शनी में उपलब्ध होंगी। प्रदर्शनी का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे।अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का यह 83 वां सम्मेलन राजस्थान में ग्यारह वर्षों के बाद हो रहा है। इससे पहले राजस्थान में वर्ष 2011 में यह सम्मेलन हुआ था।