
MLA Narendra Budania (Patrika Photo)
MLA Narendra Budania: राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने न केवल सरकारी कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मुद्दा उठाया। बल्कि प्रदेश में टूटते सामाजिक ताने-बाने और पारिवारिक विघटन की घटनाओं पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।
बुडानिया ने उद्घाटन कार्यक्रमों में चुने हुए विधायकों की अनदेखी पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं को ताक पर रखकर उन भाजपा उम्मीदवारों से शिलान्यास और उद्घाटन करवा रही है, जिन्हें जनता चुनाव में नकार चुकी है।
विधायक बुडानिया ने कहा, मेरे क्षेत्र में अस्पताल का शिलान्यास पहले ही हो चुका था। उम्मीद थी कि विभागीय मंत्री उद्घाटन करेंगे, लेकिन वहां जल संसाधन मंत्री पहुंच गए। विडंबना देखिए कि पट्टिकाओं पर स्थानीय विधायक का नाम तक नहीं है। उन्होंने तंज कसा कि चुनाव हारे हुए लोग अब "कैंची लेकर घूम रहे हैं", जो निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अपमान के समान है।
राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ बुडानिया ने एक बेहद संवेदनशील सामाजिक पहलू पर सदन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने प्रदेश में प्रेम-प्रसंगों के चलते घर छोड़ने वाली महिलाओं और लड़कियों की बढ़ती तादाद पर चिंता जताई।
"आज स्थिति यह है कि न केवल कम उम्र की लड़कियां, बल्कि चार-चार बच्चों की माताएं भी अपने प्रेमियों के साथ घर छोड़ रही हैं। यह समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
-नरेंद्र बुडानिया, विधायक
विधायक ने भावुक होते हुए कहा कि जब पुलिस ऐसी लड़कियों या महिलाओं को दस्तयाब (बरामद) करती है, तो कई बार वे कोर्ट या थाने में अपने ही माता-पिता को पहचानने से इनकार कर देती हैं। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसी घटनाओं के कारण पिता आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठा रहे हैं।
बुडानिया ने स्पष्ट किया कि यह किसी एक दल की समस्या नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के दायरे में रहकर इस पर ठोस सामाजिक और कानूनी समाधान खोजने की अपील की।
Published on:
31 Jan 2026 07:48 am

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