
हाईकोर्ट के आदेश के बाद नीरजा मोदी स्कूल के छात्रों को फिलहाल राहत मिली (Patrika File Photo)
कक्षा 9 और 11वीं के विद्यार्थियों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने के मामले में नीरजा मोदी स्कूल को चार सप्ताह की अंतरिम राहत मिल गई। हाईकोर्ट ने कहा कि स्कूल एक सप्ताह में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के सामने अपना पक्ष पेश करे और बोर्ड उस पर तीन सप्ताह में निर्णय करे।
बता दें कि इस दौरान बच्चों को अन्य स्कूल में शिफ्ट करने का सीबीएसई का आदेश प्रभावी नहीं होगा। कोर्ट ने सम्बद्धता रद्द करने के आदेश पर फिलहाल कोई दखल नहीं किया। न्यायाधीश बिपिन गुप्ता ने स्कूल और विद्यार्थियों के अभिभावकों की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की।
स्कूल की ओर से मान्यता रद्द करने के सीबीएसई के 30 दिसंबर 2025 के आदेश को चुनौती दी गई है। वहीं, अभिभावकों की ओर से विद्यार्थियों को अन्य स्कूल में शिफ्ट करने से रोकने का आग्रह किया गया है। स्कूल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार शर्मा और अधिवक्ता रचित शर्मा ने कहा कि सीबीएसई की ओर से की गईं आपत्तियां गलत हैं। स्कूल के जवाब और उसके साथ पेश दस्तावेजी साक्ष्यों पर विचार ही नहीं किया गया।
ऐसे में सीबीएसई से न्याय की उम्मीद नहीं है। इस कारण मान्यता वापस लेने संबंधी सीबीएसई का आदेश रद्द किया जाए। सीबीएसई की ओर से अधिवक्ता एमएस राघव ने कहा कि स्कूल के पास सीबीएसई को रिप्रजेंटेशन देने का विकल्प खुला है।
नीरजा मोदी स्कूल ने सीबीएसई के इस प्रावधान को दरकिनार कर सीधे हाईकोर्ट में याचिका दायर की, ऐसे में याचिका खारिज की जाए। स्कूल में विद्यार्थियों से संबंधित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ, ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों को पढ़ाई की इजाजत नहीं दी जा सकती।
Updated on:
31 Jan 2026, 11:34 AM IST
Published on:
31 Jan 2026, 8:30 AM IST
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