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दो दशक में बने 9 मंत्री, किशनपोल-आदर्श नगर-आमेर-बगरू-विद्याधर नगर को नहीं मिली जगह

मंत्रीमंडल में रहता आया है सांगानेर, झोटवाड़ा, सिविल लाइंस और हवामहल का दबदबा

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जयपुर

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Vikas Jain

Dec 14, 2023

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प्रदेश में नई सरकार के गठन की शुरूआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों की घोषणा के बाद अब जनता को नए मंत्रियों का इंतजार है। इस बार पहले चार चेहरों में से मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का एक चेहरा जयपुर शहर से ही सामने आया है। 1998 से 2018 तक की चार सरकारों में जयपुर शहर की सांगानेर, हवामहल, झोटवाड़ा और सिविल लाइंस के विधायकों को सर्वाधिक दो-दो बार मंत्रीमंडल में स्थान मिला है। मालवीय नगर से एक बार विधायक को मंत्री बनने का अवसर मिला। इन चार कार्यकाल में दो बार कांग्रेस और दो बार भाजपा की सरकार प्रदेश में रही।

इन्हें इस तरह मिली जगह

किशनपोल विधायक महेश जोशी को 1998 की कांग्रेस सरकार में उप मुख्य सचेतक बनाया गया। आदर्श नगर से विधायक रहने के दौरान अशोक परनामी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। बगरू विधायक कैलाश वर्मा को 2013 की भाजपा सरकार में संसदीय सचिव बनाया गया था।

विद्याधर नगर से पहली बार इस बार, सांगानेर का वर्चस्व बढ़ा

2008 के परिसीमन से अस्तित्व में आई विद्याधर नगर सीट से तीन चुनाव में कोई मंत्री नहीं बना। अब 2023 में यहां से विधायक चुनी गई दियाकुमारी को मंत्रीमंडल में स्थान मिला है। वहीं, सांगानेर का दबदबा इस बार और बढ़ा। यहां से पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री घोषित कर दिया गया है। आमेर से पांच चुनाव में कोई भी मंत्री नहीं बना है। तीनों विधानसभा सीटों पर इस बार कांग्रेस के विधायक चुने गए हैं। वहीं सिविल लाइंस, मालवीय नगर, हवामहल से भी इस बार भाजपा विधायक हैं।

कब कौन बना मंत्री

हवामहल
2008 : बृजकिशोर शर्मा, कांग्रेस
2018 : महेश जोशी, कांग्रेस

झोटवाड़ा
2013 : राजपाल सिंह शेखावत, भाजपा
2018 : लालचंद कटारिया, कांग्रेस

सिविल लाइंस
2013 : अरुण चतुर्वेदी, भाजपा
2018 : प्रताप सिंह खाचरियावास, कांग्रेस

मालवीय नगर
2013 : कालीचरण सराफ

सांगानेर
1998 : इंदिरा मायाराम, कांग्रेस
2003 : घनश्याम तिवारी, भाजपा