
जयपुर। प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद चुनाव प्रक्रिया को धन-बल के प्रभाव से मुक्त रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए वस्तुओं के मुफ्त वितरण को रोकने के लिए निर्वाचन विभाग द्वारा गठित उडऩ दस्ते (एफएस), स्थैतिक निगरानी टीमें (एसएसटी) एवं पुलिस आदि एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। इस क्रम में उपचुनाव के दौरान 7 जिलों में अब तक कुल 126.24 करोड़ रुपए की नकद राशि एवं अवैध शराब सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है।
राजस्थान विधानसभा आम चुनाव-2023 की तुलना में वर्तमान में विधानसभा उपचुनाव-2024 के दौरान 7 विधानसभा क्षेत्रों में नकदी, शराब आदि अवैध सामग्री जब्ती में 3 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। विधानसभा चुनाव में जहां इन विधानसभा क्षेत्रों में 15.81 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध वस्तुएं जब्त हुईं, उपचुनाव के दौरान इन क्षेत्रों में अब तक जब्त अवैध सामग्री की कीमत 48.62 करोड़ रुपए है।
महाजन ने कहा कि मतदाताओं को लुभाकर चुनाव को प्रभावित करने में नकद राशि और शराब की सबसे अधिक भूमिका रहने के मद्देनजर अवैध वस्तुओं की धरपकड़ में इनकी जब्ती को अधिक महत्त्व देते हुए जिलों की रैंकिंग की गई है। इस रैंकिंग के अनुसार, दौसा जिला प्रथम, नागौर दूसरे और अलवर तीसरे स्थान पर हैं। दौसा जिले में कुल 29.58 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध वस्तुओं की जब्ती हुई है। नागौर में 25.20 करोड़ रुपये और टोंक जिले में 21.99 करोड़ रुपये की अवैध नकदी एवं अन्य वस्तुएं पकड़ी गई हैं।
Published on:
11 Nov 2024 09:02 pm

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
