20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जयपुर

शिक्षा मंत्री से की SC के अवहेलना करने वाले स्कूलों की मान्यता निरस्त करने की मांग

अभिभावक आंदोलन राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शिक्षामंत्री बीडी कल्ला से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन देकर सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की मांग की।

Google source verification

जयपुर

image

Rakhi Hajela

Dec 02, 2021

अभिभावक आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल ने दिया शिक्षा मंत्री को ज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना करने वाले स्कूलों की मान्यता निरस्त करने की मांग
शिक्षामंत्री ने दिया नियमों के मुताबिक कार्यवाही करने का आश्वासन
जयपुर।
अभिभावक आंदोलन राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शिक्षामंत्री बीडी कल्ला से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन देकर सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की मांग की। आंदोलन के संयोजक मनीष विजयवर्गीय के नेतृत्व में अभिभावकों का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार सुबह शिक्षामंत्री से मिलने उनके आवास पर पहुंचा और राजधानी जयपुर के सेंट्रल एकेडमी, रुक्मणी बिड़ला स्कूल, अजमेर और कोटा की सोफिया स्कूल, ब्यावर के सेंट पॉल स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की। विजयवर्गीय ने शिक्षा मंत्री को अम्बाबाड़ी स्थित सेंट्रल एकेडमी स्कूल में बुधवार को हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और उन्हें बताया कि किस प्रकार फीस के कारण स्कूल प्रशासन ने छात्र प्रियांशु शर्मा को परीक्षा देने से रोका और प्रकरण की जांच करने पहुंची शिक्षा विभाग की अधिकारी ओम कंवर के साथ भी दुव्र्यवहार किया।
विजयवर्गीय के मुताबिक शिक्षामंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह ऐसे स्कूलों के खिलाफ जांच कर नियमों के मुताबिक कार्यवाही करेंगे।
कोर्ट की अवमानना करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द हो
गौरतलब है कि जयपुर के अंबाबाड़ी स्थित सेंट्रल एकेडमी स्कूल ने 12वीं के छात्र प्रियांशु शर्मा जिसके पिता का देहांत भी हो चुका है उसे बकाया फीस के कारण परीक्षा देने से रोक दिया। इसकी जानकारी अभिभावक हेल्पलाइन पर दर्ज होने पर आंदोलन के संयोजक मनीष विजयवर्गीय ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक कानाराम, अतिरिक्त निदेशक घनश्याम दत्त जाट, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष यादव एवं जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र कुमार को शिकायत करते हुएए विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने की इजाजत के साथ आगामी सत्र हेतु स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की थी। अभिभावक की शिकायत पर शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त जांच अधिकारी राजकीय विद्यालय मुरलीपुरा की प्राचार्य ओम कुमार राठौड़ जांच करने पहुंची लेकिन उनके साथ भी वहां अभ्रदता की गई।