नाबालिग से बलात्कार करने के बाद कोटा में छिपे जीवाणु को पुलिस जयपुर ले आई है। पूछताछ में उसके किए खौफनाक वारदातों की लिस्ट खुल रही है। पुलिस की माने तो जीवाणु उर्फ सिकंदर सभी तरह के अपराधों में शामिल रहा है। पुलिस अब जीवाणु की जन्म कुंडली खंगाल रही है। जिवाणु जहां भी रहा, अलग-अलग नामों से उसकी पहचान रही। मुरलीपुरा में काले खां, भट्टा बस्ती में सिकंदर, नाई की थड़ी में जाहिद और पुलिस विभाग में जिवाणु के नाम से जाना जाता है। सिकंदर के साथ रफीक नाम का एक चोर चोरी करता था। दोनों के मध्य कौन एक रात में अधिक वारदात करता है, इस पर प्रतिस्पर्धा होती थी… जिसमें सिकंदर जीत जाया करता था, इसलिए सिकंदर का नाम जिवाणु और रफीक का नाम किटाणु पड़ गया था। एक रात में तो जिवाणु ने 13 घरों के ताले तोड़े थे।जिवाणु को आज कोर्ट में पेश कर उसे पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि जीवाणु न सिर्फ नाबालिग से बलात्कार का आरोपी है, बल्कि नशे की तस्करी, नाबालिग से बलात्कार, कूकर्म, यौन अपराध, चोरी, लूट, नकबजनी, मारपीट, हत्या जैसे संगीन वारदातों में भी शामिल रहा है। उसके दो और साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। एक जुलाई को नाबालिग से बलात्कार के बाद आरोपी नाई की थड़ी पर ही छिपा हुआ था। सुबह अखबारों में शास्त्रीनगर वाली घटना के बारे में और सीसीटीवी में खुद की फोटो देखकर मोबाइल बंद कर सांगानेर भाग गया। जहां पर वह मजदूरों के साथ फुटपाथ पर सोया। जीवाणु जयपुर पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए कोटा जाते समय गांवड़ी पंचायत अधीन कालानाडा गांव में शनिवार दोपहर को शराब के ठेके पर मौजूद सेल्समैन को गोली मारकर घायल कर दिया था। सिकंदर उर्फ जिवाणु से पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में उसने करीब 25 नाबालिग बालक-बालिकाओं और 35 से 40 पुरुषों व किन्नरों के साथ यौनाचार की बात कबूल की है….पूछताछ के दौरान उसके चेहरे पर जरा भी डर या पछतावा नहीं था। बल्कि कह रहा था कि जिन लोगों उसके बारे में पुलिस को सूचना दी और पकड़ाया, उनपर वह मौत का कहर के रूप में जेल से निकलते ही टूट पड़ेगा और बदला पूरा करेगा।