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70 से घटकर 10 रुपए प्रतिकिलो हुए संपंगी के फूल…नाराज किसानों ने 7 टन फूल फेंके

ईरोड जिले में किसानों की ओर से लगभग सात टन संपंगी फूलों को सड़क पर फेंक दिया गया था, क्योंकि उनको उचित मूल्य नहीं मिला। विशेष रूप से संपंगी के फूल की कीमत पिछले सप्ताह 70 रुपए प्रति किलो से घटकर 10 रुपए रह गई,

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70 से घटकर 10 रुपए प्रतिकिलो हुए संपंगी के फूल...नाराज किसानों ने 7 टन फूल फेंके

70 से घटकर 10 रुपए प्रतिकिलो हुए संपंगी के फूल...नाराज किसानों ने 7 टन फूल फेंके

चेन्नई। ईरोड जिले में किसानों की ओर से लगभग सात टन संपंगी फूलों को सड़क पर फेंक दिया गया था, क्योंकि उनको उचित मूल्य नहीं मिला। विशेष रूप से संपंगी के फूल की कीमत पिछले सप्ताह 70 रुपए प्रति किलो से घटकर 10 रुपए रह गई, जिससे किसानों को झटका लगा। इसलिए अधिक नुकसान से बचने के लिए उन्होंने लगभग सात टन संपंगी के फूलों को सड़क पर फेंक दिया।
किसानों ने कहा कि फूल बाजार में लाने के लिए उनको सुबह 5 बजे से फूल तोडऩा शुरू करना पड़ा लेकिन कीमतों में भारी गिरावट के साथ वे अपने श्रम को बर्बाद होते देख निराश हो गए। इस बीच उन्होंने सरकार से आजीविका के इस तरह के नुकसान से बचने के लिए या अपने क्षेत्र में एक इत्र कारखाना स्थापित करने, नौकरियों और लाने के लिए एमएसपी प्रदान कर हस्तक्षेप करने का भी अनुरोध किया।
निर्यात भी होता है
सत्यमंगलम और आसपास के क्षेत्रों में किसानों ने संपंगी के फूलों के पौधों की खेती की थी, जिनका उपयोग इत्र उत्पादन और त्योहार के अवसरों पर किया जाता है। आम तौर पर फूलों को सत्यमंगलम फूल उत्पादक समाज में लाया जाता है जहां कीमत निर्धारित की जाती है और फिर तमिलनाडु के विभिन्न जिलों और केरल व कर्नाटक में ले जाया जाता है। इन फूलों को केरल से विदेशों में भी निर्यात किया जाता है।

सत्यमंगलम और आसपास के क्षेत्रों में किसानों ने संपंगी के फूलों के पौधों की खेती की थी, जिनका उपयोग इत्र उत्पादन और त्योहार के अवसरों पर किया जाता है। आम तौर पर फूलों को सत्यमंगलम फूल उत्पादक समाज में लाया जाता है जहां कीमत निर्धारित की जाती है और फिर तमिलनाडु के विभिन्न जिलों और केरल व कर्नाटक में ले जाया जाता है। इन फूलों को केरल से विदेशों में भी निर्यात किया जाता है।