मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में ग्रासलैण्ड एवं वेटलैण्ड विकास के विभिन्न कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति दी है।
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में ग्रासलैण्ड एवं वेटलैण्ड विकास के विभिन्न कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति दी है।
इस स्वीकृत राशि में से प्रदेश के 22 वन मण्डलों में 7800 हैक्टेयर क्षेत्रफल में चारागाह विकास एवं वृक्षारोपण कार्यों के लिए 40 करोड़ रुपए, सांभर झील के विकास एवं प्रबंधन के लिए 9 करोड़ रुपए तथा कनवास रेंज (कोटा) के लिए 1 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह राशि पर्यावरण प्रबंधन कोष से उपलब्ध करवाई जाएगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री गहलोत ने वर्ष 2023-24 के बजट में इस संबंध में घोषणा की थी।
जैसलमेर और बीकानेर में नहर वितरिकाएं होंगी मजबूत
जैसलमेर में सागरमल गोपा शाखा की मुख्य नहर और बीकानेर की कंवरसेन लिफ्ट प्रणाली की वितरिकाओं में सुधार कार्य होंगे। इनमें 75 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नहरी तंत्र एवं वितरिकाओं के सुदृढ़ीकरण के विभिन्न कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की हैं।
प्रस्ताव के अनुसार, बीकानेर के कंवरसेन लिफ्ट प्रणाली की वैद्य मघाराम वितरिका में 25 करोड़ रुपए की लागत से जीर्णोद्धार कार्य होंगे। इसमें विधानसभा लूणकरणसर और खाजूवाला का 8621 हैक्टेयर सिंचित क्षेत्र है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 करोड़ और 2024-25 में 15 करोड़ रुपए व्यय होंगे।
साथ ही, जैसलमेर जिले में सागरमल गोपा शाखा की मुख्य नहर मय स्ट्रक्चर्स में 50 करोड़ रुपए की लागत से सुधार कार्य कराए जाएंगे। इससे मोहनगढ़ और रामगढ़ सहित आसपास क्षेत्र की नहर वितरिकाएं पक्की होने से किसानों को फायदा मिलेगा।