निलम्बित महापौर मुनेश गुर्जर के पति सुशील की गिरफ्तारी के बाद एसीबी में नगर निगम के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों का अंबार लग गया। एसीबी सूत्रों के मुताबिक टोल फ्री नंबर 1064 पर 100 से अधिक शिकायत मिल चुकी हैं।
जयपुर. निलम्बित महापौर मुनेश गुर्जर के पति सुशील की गिरफ्तारी के बाद एसीबी में नगर निगम के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों का अंबार लग गया। एसीबी सूत्रों के मुताबिक टोल फ्री नंबर 1064 पर 100 से अधिक शिकायत मिल चुकी हैं। इनमें पट्टे बनाने के बदले में रिश्वत मांगने, सफाई व्यवस्था में अनदेखी और हूपर लगाने और कचरा उठाने में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर है। एसीबी के कार्यवाहक डीजी हेमंत प्रियदर्शी ने कहा कि एसीबी सभी शिकायतों की जांच करेगी और भ्रष्टाचार उजागर होने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, महापौर के घर पर 12 फाइल मिली हैं। इनमें छह फाइल पर तो तीन-तीन बार डिस्कशन लिखा हुआ है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि जिनकी भी फाइल हैं उन लोगों से भी पूछताछ की जाएगी। निलम्बित महापौर मुनेश गुर्जर को भी नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
नगर निगम में रोकी गईं 400 फाइलें
एसीबी निलम्बित महापौर के घर मिले कम्प्यूटर की भी जांच करेगी। यह जानकारी भी सामने आई कि नगर निगम में पट्टों से संबंधित 400 फाइलों को रोका गया। एसीबी जांच करेगी कि इन फाइलों को क्यों रोका गया और इनमें क्या कमी थी या फिर रिश्वत के लिए फाइलों को पटककर रखा गया था।
पांच बैंक की पासबुक मिली
एसीबी को मुनेश के घर से पांच बैंक की पास बुक मिली है। एसीबी संबंधित बैंकों में वर्तमान जमा राशि के संबंध में पूछताछ करेगी। गौरतलब कि महापौर पति सुशील गुर्जर को तीन दिन की रिमांड के बाद मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से जेल भेज दिया गया।