
कला शिक्षक अर्चना शर्मा पेंटिंग बनाते हुए
सुरेंद्र बगवाड़ा, जयपुर
कला व संस्कृति विभाग राजस्थान की अनूठी पहल की प्रदेश के वरिष्ठ कलाकार तो सराहना कर रहे है। लेकिन आर्ट में प्रोफेशनल डिग्री ( Fine Arts ) ले रहे स्टूडेंट काफी नाराज है। राजस्थान ललित कला अकादमी ( Rajasthan Lalit Kala Akademi ) की देखरेख में आर्ट फ्रॉम होम ( Art From Home ) ( एकांत में सृजन ) कैंप में ऐसे स्टूडेंटस से किनारा कर लिया गया है। कैंप सिर्फ वरिष्ठ कलाकारों के काम तक सीमित रह गया। अपनी अनदेखी से नाराज स्टूडेंट वरिष्ठों पर कई तरह के आरोप लगाने लगे है। उन्होंने कहा कि विभाग इस कैंप में हमें भी शामिल करें। कैंप के सोशल मीडिया ग्रुप ( social media ) से हमें भी जोड़ा जाए।
इस कैंप में राजस्थान यूनिवर्सिटी, राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट और अन्य यूनिवर्सिटी से फाइन आर्ट में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट को भी शामिल किया जा सकता था। यदि स्टूडेंट जुडते तो उन्हें वरिष्ठ कलाकारों के काम से सीखने को मिलता। उनकी आर्ट लाइफ से रूबरू होने का मौका मिलता। वहीं, स्टूडेंटस के कार्य में कमी होती तो वरिष्ठ कलाकार दूर भी कर पाते। एक वरिष्ठ कलाकार ने बताया कि बाहर के देशों में युवा कलाकारों को प्रमोट करती है, लेकिन यहां पर वरिष्ठ कलाकार ने युवा पीढ़ी को भूल गई है।
अपना नाम नहीं बताते हुए स्टूडेंट ने बताया कि हमें जानकारी मिली है कि कैंप ग्रुप में ऐसे कलाकारों को भी शामिल किया है, जो सिर्फ इस कैंप में ही सामने आए है। वे रैगुलर काम नहीं करते। ऐसे में जब अपने ही दरकिनार करेंगे तो दूसरे कैसे तव्वजो देंगे।
इस कैंप की खास बात है कि इसमें ना तो अकादमी कलाकार से किसी भी तरफ से फीस ले रही है ना ही कोई प्रोत्साहन राशि दे रही है। ऐसे में मास्टर डिग्री पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट को भी सोशल मीडिया ग्रुप पर जोड़ लिया जाए तो किसी का कोई नुकसान नहीं है।
कैंप ग्रुप में दो—चार स्टूडेंट ऐसे है जो स्टेट अवार्ड जीत चुके है। पहले कम ही लोगों को जोड़ने का प्लान था, लेकिन बाद में बहुत कलाकार जुड़ गए।— विनय शर्मा, नोडल अधिकारी, आर्ट कैंप
Published on:
18 Apr 2020 10:01 pm
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