
New motor vehicle Act; एक हफ्ते के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने इतना जुर्माना वसूला की भर गई तिजोरी
जयपुर। प्रदेश में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए राज्य सरकार बहुत तेजी से ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक पर काम कर रही है। सरकार ने प्रदेश के सभी आरटीओ और डीटीओ कार्यालय में तेजी से ऑटोमेटिक ट्रैक तैयार किए जाने का निर्देश दिया है। परिवहन विभाग ऐसे 17 ड्राइविंग ट्रैक पर पहले से ही काम कर रहा है लेकिन अब इसे तेजी से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसे लेकर मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने सक्रियता दिखाई है और सभी जिलों के कलेक्टर को भी इसकी प्रगति देखने का निर्देश दिया है।
परिवहन विभाग का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी तो दूसरी तरफ बिना ड्राइविंग में दक्ष लोगों को लाइसेंस नहीं मिल पाएगा। इसका सीधा असर सड़क दुर्घटनाओं के कमी के रूप में हमारे सामने आएगा। परिवहन मुख्यालय की माने तो प्रदेश के 17 ट्रैक पर तेजी से काम चल रहा है। कोरोना के कारण जो कार्य रूके हुए थे अब उन्हें तेजी से निपटाया जाएगा। इसके बाद पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाएगा। अभी ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक की सुविधा मात्र जयपुर के जगतपुरा कार्यालय में ही लागू है।
ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक से ये होगा
सभी ड्राइविंग ट्रैक पर कैमरे भी लगाए जाएंगे। कंप्यूटर के माध्यम से वाहन चलाने वाले लोगों का एक—एक रिकार्ड दर्ज होगा। कम्प्यूटर में सॉफ्टेवयर फीड होगा। इसमें गाड़ी के हर मूवमेंट की गणना होगी कि किस स्किल में व्यक्ति ने कितना समय लिया, कहां गलती की। ट्रायल पूरा होने पर एक क्लिक में स्किल टेस्ट की रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके बाद चालक की दक्षता पाए जाने ही उसे लाइसेंस जारी किया जाएगा। इस ट्रैक पर जब तक दक्षता नहीं होगी लाइसेंस मिलना आसान नहीं होगा। किसी प्रकार की हेराफेरी भी इसमें नहीं की जा सकती है।
Published on:
18 Jul 2021 03:45 pm
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