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लोकसभा चुनाव बाद देशव्यापी आंदोलन करेंगे बैंक कर्मी, पेंशन सहित कई मुद्दे उठाएगा AIBEA

ऑल इण्डिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन की कोच्चि बैठक में यह योजना बनी है कि अपनी मांगों के लिए बैंक कर्मी लोकसभा चुनाव बाद देशव्यापी आंदोलन करेंगे। जानें बैंक कर्मियों की क्या मांग है।

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Bank Employees will hold Nationwide Agitation after Lok Sabha Elections AIBEA will raise many issues including pension

ऑल इण्डिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन की कोच्चि बैठक में बनी योजना

AIBEA Meeting : ऑल इण्डिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) की राष्ट्रीय जनरल काउंसिल की कोच्चि (केरल) में हुई दो दिवसीय बैठक में प्रदेश के बैंक कर्मचारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन के उप महासचिव सूरजभान सिंह आमेरा ने बताया कि बैठक में ग्रामीण-सहकारी बैंकों में लंबित वेतन समझौता लागू करने, 2 लाख रिक्त पड़े पदों पर सभी बैंकों में भर्ती व बैंकों के निजीकरण का विरोध कायम रखने सहित अन्य मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। बैंकों में लंबे समय से रिक्त पड़े हुए पदों पर भर्ती करने के लिए व सरकार की बैंक निजीकरण की रीति नीति पर चुनाव बाद देशव्यापी आंदोलन का निर्णय किया गया ।

इन्होंने लिया AIBEA की कोच्चि बैठक में हिस्सा

कोच्चि में हुई बैठक में राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन के उप महासचिव सूरज भान सिंह आमेरा ने बताया कि बैठक में सभी राज्यों से कॉमर्शियल, सहकारी, ग्रामीण व निजी बैंकों से चुनिंदा 325 बैंककर्मी नेता, युवा व महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया। राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन से आर जी शर्मा, महेश शर्मा, रवि वर्मा, जयन्त परिहार, रविदीप चतुर्वेदी, नरपत गहलोत, ललित गुप्ता व मेघा मलिक ने भी हिस्सा लिया ।

सहकारी बैंकों में ओपीएस पेंशन लागू करने की मांग

उप महासचिव सूरजभान सिंह आमेरा ने बताया कि एआईबीईए की राष्ट्रीय बैठक में ग्रामीण व सहकारी बैंकों में लंबित वेतन समझौता लागू करने, 2 लाख रिक्त पड़े पदों पर सभी बैंकों में भर्ती करने, बैंक निजीकरण का विरोध क़ायम रखने, सहकारी बैंकों में 2 टियर बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, सहकारी बैंकों को पुनर्पूंजीकरण सहायता जारी करने, सहकारी बैंकों में ओपीएस पेंशन लागू करने जैसे मामले उठाए गए। सभी बैंकों में लंबे समय से रिक्त पड़े हुए पदों पर भर्ती करने के लिए व सरकार की बैंक निजीकरण की रीति नीति पर लोक सभा चुनाव बाद देशव्यापी बैंक आंदोलन व हड़ताल का निर्णय किया गया।

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