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उपहार-नकदी बांट रक्तदाताओं को कर रहे आकर्षित, ब्लड बैंक बने कारोबार का जरिया

- राज्य के अस्पतालों में रक्त की किल्लत, फिर भी दूसरे राज्यों में आपूर्ति - नाको की गाइडलाइन, रक्तदान के बदले नहीं दिए जा सकते उपहार, लेकिन राजस्थान में जमकर बंट रहे

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जयपुर

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Vikas Jain

Feb 23, 2023

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जयपुर. रक्तदान को स्वैच्छिक माना जाता है। विभिन्न ब्लड बैंक इसके लिए समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित करते हैं। लेकिन राज्य के कुछ ब्लड बैंक रक्तदान के लिए रक्तदाताओं को प्रलोभन भी दे रहे हैं। शिविर में आकर रक्तदान करने वालों को उपहार स्वरूप कई सामग्री वितरित की जा रही हैं। इस तरह के मामले रक्तदान और ब्लड बैंकों को नियंत्रित करने वाले नेशनल एड्स कंट्रोल सोसायटी (नाको) की जानकारी में आने के बाद इस पर आपत्ति जताते हुए तत्काल रोक के निर्देश भी जारी किए गए, लेकिन अब भी कुछ ब्लड बैंक रक्तदाताओं को उपहार दे रहे हैं।

नाको के अनुसार जयपुर के कुछ ब्लड बैंक इस तरह प्रलोभन दे रहे हैं। इसके बाद गाइडलाइन का उल्लेख करते हुए बताया गया कि रक्तदाताओं को प्रलोभन देना औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली के तहत प्रतिबंधित है। इस पत्र में नाको सभी सरकारी और गैर सरकारी ब्लड बैंकों को रक्दान के बदले उपहार और नकद राशि स्वयं देने की प्रवृत्ति रोकने की चेतावनी भी दे चुका है।

राजस्थान में ब्लड की कमी, फिर भी दूसरे राज्यों को आपूर्ति

रक्तदान को महादान मान लोग बढ़-चढ़कर इस पुण्य कार्य में शामिल होते हैं, लेकिन उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोगों के इस विश्वास को तोड़ने और शर्मसार करने वाला खून का काला कारोबार दो वर्ष पहले सामने आ चुका है। यहां दान में मिले रक्त में सेनाइल वाटर मिला उसकी मात्रा बढ़ाने और फिर दोगुने दाम में बेचने का खुलासा एसटीएफ और ड्रग विभाग ने किया था। इस पूरे कारोबार के तार राजस्थान के ब्लड बैंकों से भी जुड़े मिले। कारोबारी जयपुर, सीकर और चौमूं के विभिन्न ब्लड बैंकों से रक्त ले जाकर यह कारोबार कर रहे थे। छापेमारी में राजस्थान से तस्करी कर लाया गया 302 यूनिट घटिया मानव रक्त (ब्लड) बरामद किया गया। इस गिरोह का नेटवर्क सात राज्यों में फैला था। राज्य के औषधि नियंत्रण संगठन की सक्रियता से यह कार्रवाई सामने आने के बाद हुई। हैरत की बात यह भी रही कि राज्य के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल सहित विभिन्न बड़े और निजी अस्पतालों में मरीजों के लिए रक्त की कमी बनी रहने के बावजूद यहां के ब्लड बैंक दूसरे राज्यों में भी इसकी आपूर्ति करते मिले।

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नाको के अनुसार एक से दूसरे ब्लड बैंक में रक्त भेजा जा सकता है, उसमें राज्य, जिला या अन्य सीमा क्षेत्र तय नहीं है। संगठन की टीमें सभी ब्लड बैंकों का समय-समय पर निरीक्षण करती हैं। उसी के आधार पर 3 के लाइसेंस निलंबित और एक का निरस्त किया गया है।

अजय फाटक, औषधि नियंत्रक, राजस्थान