
जयपुर
बचपन से ही हम सभी ने दूल्हे को घोड़ी पर चढ़ते हुए देखा देखा हैं। शुरू से ही हमारे हिन्दू धर्म में परंपरा है कि दूल्हा ही घोड़ी पर चढ़ कर अपनी दुल्हन लेने को आता है। लेकिन राजस्थान के झुंझुनूं ,नवलगढ़ में इस परंपरा को तोड़ते हुए एक दुल्हन खुद घोड़ी पर चढ़ी गई और धूमधाम से अपनी बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंच गई। राजस्थान कि ये दुल्हन पहले तो घोड़ी पर चढ़ी और फिर पूरे परिवार के साथ जमकर खूब नाचा।
शादी में घोड़ी पर चढ़ी दुल्हन
बदलते समय के साथ समाज के रस्मों-रीति रिवाज भी बदल रहे हैं। लेकिन झुन्झुनू कि इस दुल्हन ने बताया कि अभी भी समाज में महिलाओं को लेकर भेदभाव कि परंपरा चलती ही आ रही हैं। लेकिन इस दुल्हन ने घोड़ी पर चढ़ कर समाज को दिखाया कि लड़के और लड़कियों में कोई फर्क नहीं करना चाहिए।
इस दुल्हन ने दिया समाज को नया संदेश
जब घोड़ी पर बैठने कि वजह लड़की से पूछा गया तो इस लड़की का कहना था कि ये कदम लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव खत्म करने के लिए उठाया गया है। ताकि हमारा समाज लड़कियों को किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम न समझे। बता दें कि इस लड़की को घोड़ी पर सवार देखकर पहले तो हर कोई दंग रह गया, लेकिन वही दूसरी तरफ इस दुल्हन के इस फैसला से दूसरी लड़कियों के लिए एक नई सोच बन रही थी।
दूल्हे ने किया इस फैसले का सम्मान
झुन्झुनू के नवलगढ़ इलाके में आईओसीएल ऑफिसर नीलम ने बिलकुल दूल्हे जैसे कपड़े पहने थे। उन्होंने लाल-सुनहरे रंग की शेरवानी पहनी और पगड़ी भी बांधी। वही दूसरी तरफ दूल्हा अपनी दुल्हन के फैसले का सम्मान करते हुए बारात लेकर सीधे वरमाला स्टेज पहुंचा और उन्होंने एक दूसरे को वरमाला पहनाई और साथ जीने - मरने की कसमें भी खाईं।
Published on:
28 Mar 2018 10:05 am
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