17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आयुष्मान भारत के बीमा पर भारी पड रही राजस्थान की भामाशाह बीमा योजना

- भामाशाह बीमा के दायरे में पहले से करीब 90 लाख परिवार - 90 लाख के अतिरिक्त नए परिवारों का चयन करने में राज्य सरकार को करनी पडी रही मशक्कत- एक से डेढ साल पहले आयुष्मान का बीमा शुरू होना मुश्किल - राजस्थान को आयुष्मान का बीमा लागू करने के लिए केन्द्र ने दिया अतिरिक्त समय  

3 min read
Google source verification

जयपुर

image

Vikas Jain

Aug 30, 2018

bsby

आयुष्मान भारत के बीमा पर भारी पड रही राजस्थान की भामाशाह बीमा योजना

विकास जैन जयपुर। प्रदेश में पहले से संचालित भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना (बीएसबीवाय) का संचालन कर रहे राजस्थान के लिए केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना के लिए लाभार्थियों का चयन करना मुश्किल भरा हो गया है। इस समय प्रदेश में बीएसबीवाय के लाभार्थी परिवारों की संख्या करीब 90 लाख हैं, जिसके दायरे में करीब 4.5 करोड लोग आ रहे हैं। जिसमे रोजाना करीब 5 हजार मरीजों को भर्ती कर कैशलैश उपचार किया जा रहा है। पहले से भारी भरकम इस योजना के बीच अब केन्द्र की योजना के लिए बीएसबीवाय से अतिरिक्त वंचितों का चयन करने का उचित फार्मुला तलाशा जा रहा है।

हालांकि केन्द्र ने वर्ष 2011 मे किए गए सोशियो इकोनोमी कास्ट सेंसस को आधार बनाया है। जिसमे राजस्थान के करीब 59 लाख परिवार शामिल हैं। लेकिन उस सेंसस में शामिल परिवारों के डाटा काफी अधूरे हैं। वहीं इस सेंसस शामिल ज्यादातर परिवार और लोग पहले से ही बीएसबीवाय योजना के दायरे में है।

राज्य ने पहले ही कराया था अवगत, मिला अतिरिक्त समय

सूत्रों के अनुसार आयुष्मान भारत योजना लागू करने की केन्द्र की तैयारी के साथ ही राजस्थान ने इससे केन्द्र को अवगत कराया था। लेकिन केन्द्र की मंशा थी कि पूरे देश में समान रूप से आयुष्मान भारत योजना लागू हो। बताया जा रहा है कि केन्द्र की मंशा को देखते हुए अब राजस्थान ने भी आयुष्मान भारत को लागू करने के लिए सैद्धांतिक सहमति के एमओ पर हस्ताक्षर तो कर दिए गए हैं, लेकिन वंचितों का आंकलन कर इसे लागू करने के लिए समय मांगा गया है। जिसकी अनुमति केन्द्र ने दे दी है।

चुनाव से पहले चयन भी मुश्किल

राजस्थान में अगले कुछ माह में ही पहले विधानसभा, फिर लोकसभा और फिर निकायों के चुनाव होने हैं। अब इनसे पहले सेंसस के आधार पर लोगों का चयन किया जाता तो किसी को योजना के दायरे से बाहर रखे जाने पर संकट खडा हो सकता है। वहीं योजना में शामिल होने के लिए आने वाली सिफारिशों का सामना करना और किसी को बाहर रखे जाने पर आक्रोश का सामना भी सरकार को करना पड सकता है।

आंकलन में यह आ रही समस्या

- सोशियो इकोनोमी कास्ट सेंसस में शामिल डाटा पूरा नहीं
- उदाहरण के तौर पर किसी एक नाम के व्यक्ति का किसी शहर के किसी इलाके में होने का हवाला, लेकिन उस नाम के कई व्यक्ति उस क्षेत्र में मौजूद
- इस सेंसस के अधिकांश लोग पहले से ही बीएसबीवाय के दायरे में

भामाशाह बीमा योजना का दायरा

- 1715 बीमारियां इस योजना में शामिल
- 30 हजार का बीमा सामान्य बीमारियों के लिए प्रतिवर्ष
- 3 लाख रूपए का बीमा गंभीर बीमारियों के लिए प्रतिवर्ष
- 1715 बीमारियां इस योजना में शामिल
- 1200 करोड रूपए सालाना खर्च किए जा रहे हैं बीमा योजना पर

यहां लगाए कम्यूनिटी हैल्थ ऑफिसर

दूसरी ओर आयुष्मान भारत के दूसरे भाग के तहत सरकारी अस्पतालों में 12 विशेष सुविधाएं योजना की शुरूआत के साथ ही उपलब्ध करा दी जाएगी। इनके लिए करीब 650 अस्पतालों को पहले साल में वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किा जाएगा। पहले चरण में 225 अस्पतालों में यह शुरू होगी। इन अस्सपतालों में कम्यूनिटी हैल्थ ऑफिसर लगाए जा रहे हैं। अब तक 130 लगाए जा चुके हैं। इन्हें छह महीने का विशेष कोर्स करवाया जा रहा है। अधिकारी प्रसव पूर्व देखभाल, प्रसव, प्रजनन एंव परिवार कल्याण सेवाएं, योग एंव स्वास्थ्य में बढ़ावा, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, सामान्य बाह्य रोगी देखभाल, संक्रामक व गैर संक्रामक रोग प्रबंधन, आंख-कान-नाक-गला व मुख स्वास्थ्य सेवाएं, निशुल्क आवश्यक औषधि व जांच, आपातकालीन चिकित्सा एंव इलैक्ट्रानिक स्वास्थ्य रिकार्ड जैसी सुविधाओं की मॉनिटरिंग करेंगे।

वर्जन

केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना के बीमा को राजस्थान में लागू करने के लिए सैद्धांतिक सहमति बन गई है।

नवीन जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना