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सीबीएसई में कैपेसिटी बिल्डिंग से मिल रही डिजिटल लर्निंग

सेंट्रल बोर्ड ऑप सीनियर सेकेंड्री एजुकेशन बोर्ड की ओर से स्टूडेंट्स और पैरेंट्स की सुविधा एवं फायदे के लिए अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और रजिस्टर्ड एजेंसियों के जरिए ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत हो चुकी है। बोर्ड ने अपने से एफिलिएटिड स्कूल्स में स्टडी कर रहे स्टूडेंट्स को हाईटेक एजुकेशन में सक्सेजफुल बनाने का निर्णय लिया है।

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mohani giri

Mar 19, 2015

सेंट्रल बोर्ड ऑप सीनियर सेकेंड्री एजुकेशन बोर्ड की ओर से स्टूडेंट्स और पैरेंट्स की सुविधा एवं फायदे के लिए अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और रजिस्टर्ड एजेंसियों के जरिए ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत हो चुकी है। बोर्ड ने अपने से एफिलिएटिड स्कूल्स में स्टडी कर रहे स्टूडेंट्स को हाईटेक एजुकेशन में सक्सेजफुल बनाने का निर्णय लिया है। हालांकि, यह पहल तो बोर्ड ने पिछले दो साल पहले की थी, इस बार से इसे सभी स्कूलों में कंपलसरी कर दिया गया है।

दरअसल, सीबीएसई से संबंधित देश भर के सभी स्कूलों में कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम इनवोल्व करने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि बोर्ड का यह प्रयास सीबीएसई में स्टडी कर रहे स्टूडेंट्स को हाईटेक सेंटर यानी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को प्रिपेयर कराना है। इसके लिए बोर्ड से सभी स्कूलों के प्रिंसिपल्स को इ-लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

बढ़ रहा शिक्षा का दायरा
सीबीएसई की ओर से लागू किए गए कैपेसिटी बिल्डिंग फ ॉर प्रिंसिपल्स एंड टीचर्स प्रोग्राम में बोर्ड की ओर से हर स्कूल के प्रिंसिपल को माह में दो बार वर्कशॉप कराने के र्निदेश दिए गए हैं। लिहाजा इसके जरिए स्कूल के टीचर्स हाईटेक एजुकेशन के बारे में जानेंगे, जो स्टूडेंट्स को क्वॉलिटी एजुकेशन प्रोवाइड करेंगे। इससे शिक्षा का विस्तार तो होगा ही साथ ही स्टूडेंट्स को समाज और तकनीक का भी ज्ञान होगा। इस वर्कशॉप के दौरान स्कूल के प्रिंसिपल्स के अलावा टीचर्स को भी ई-गर्वनेंस के बारे में बताया जाएगा। लिहाजा इसके लिए पहले तो स्कूल के टीचर्स को ट्रेंड होना पड़ेगा इसके बाद स्टूडेंट्स को इसके बारे में सिखाएगा जाएगा।

इनोवेटिव आइडियाज का स्टडी कर रहे टीचर्स
गौरतलब है कि अब तक सीबीएसई जितने भी बढ़े इंवेट करती थी, उनमें सिर्फ प्रिंसिपल्स को पार्टीशिपेट करने के लिए इनवाटि किया जाता था, लेकिन अब स्कूल की टीचर्स भी हर तरह के प्रोग्राम में पार्टीशिपेट करेंगी। क्योंकि बोर्ड टीचर्स को देश के स्पेशल रिसोर्स पर्सन से ट3ैंड करवा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश टीचर्स पर इनवेस्टमेंट करके उनकी इम्पॉवर को बढ़ाना है...बोर्ड के साथ इमपेनिल हुई कैपेसिटी इंप्रूव करने वाली एंजेसी टीचर्स की इम्पॉवर को बढ़ाएंगी तभी स्टूडेंट्स के साथ उनका रिलेशन फ्रेंडली होगा। इस ट्रैनिंग में टीचर्स को डिफिरेंट इनोवेटिव वेज के बारे में जानकारी दी रही है। किस स्कूल में किस टीचर ने क्या सीखा और उनके जरिए स्टूडेंट्स की कैपेसिटी कितनी बिल्डअप हुई, इसकी रिपोर्ट स्कूल की प्रिंसिपल बोर्ड को सौंप रही है।


प्रिंसिपल व्यू
बोर्ड की ओर से स्कूलों में लागू की गई गाइडलाइन काबिले-ए-तारीफ है, जिसके जरिए सीबीएसई स्टूडेंट्स ई-गवर्नेस में अवेलेबल सभी तरह की पोलिसीज के बारे में स्टडी कर सकते हैं। लिहाजा उन्हें हर तरह की जानकारियों के लिए ई-लर्निग बैटर ऑप्शन हैं, क्योंकि अक्सर देखा जाता है...स्कूलों की लाइब्रेरी में कई तरह की पुस्तकें अवेलेबल नहीं होती हैं, जबकि ई-लर्निंग प्रोसेजीर के थ्रू उन्हें हर तरह के बारे में जानकारी मिल जाती है। वैल ट्रैंड टीचर्स स्टूडेंट्स के अंसर डिजिटल लर्निंग को बिल्डअप कर रहीं है। जो कि प्रजेंट सिनेरियो में बहुत जरूरी है।
रीता पी तनेजा प्रिंसिपल(एसवी पब्लिक स्कूल)