
बालोद जिले के ग्राम नारागांव के पागल कुत्ते को ग्रामीणों ने डंडे से पीट-पीट कर मार डाला। कुत्ता पालतू था, जो पागल हो गया था। इसके बाद तीन दिन तीन गांव के 23 लोगों को काट दिया। कुत्ता कुछ दिनों से गायब हो गया था। जब वापस लौटा तो पागल हो चुका था। उसने मालिक के घर के एक बच्चे को भी काट दिया था। गुरुवार को सांकरा क के सरपंच शिवरात्रि नेताम को भी काट दिया।
ग्राम पंचायत नारागांव को कुत्ते का मारने की जानकारी मिली तो जहां कुत्ता मरा था, उस क्षेत्र को सेनेटाइज कराया गया, जिससे रैबीज न फैले। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार यह कुत्ता काट रहा था। गांव के बच्चों के लिए खतरा था। खतरे को देखते हुए ही ग्रामीणों ने मिलकर मार दिया।
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ग्राम पंचायत नारागांव के उप सरपंच जगन्नाथ साहू ने बताया कि जैसे ही पंचायत को इसकी जानकारी मिली तो सूचना पशु चिकित्सा विभाग को दी गई। नियम के तहत जहां कुत्ते की मौत हुई उस जगह को सेनेटाइज किया गया। गांव से दूर गड्ढा खोदकर दफन कर अंतिम संस्कार किया गया।
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पागल कुत्ते ने नारागांव के बाद करहीभदर, कन्नेवाड़ा व सांकरा (क) में ग्रामीणों को दौड़ा दौड़ाकर काट दिया। इसके बाद वापस गांव आया और गांव के तीन लोगों को काट दिया। फिर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और कुत्ते को मिलाकर मार डाला।
पागल कुत्ते ने कुल 23 लोगों को काटा था, जिसमें से कुछ को जिला अस्पताल, कुछ को गुरुर और कुछ को धमतरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
जिले में कुत्ते के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 15 दिनों में ही कुत्तों ने 223 लोगों को काटा है। बीते साल जनवरी से दिसंबर 2025 तक लगभग 2400 लोगों को कुत्तों ने काटा। कुत्तों का आतंक अभी भी जारी हैं।
गुरुर थाना प्रभारी सुनील तिर्की ने बताया कि नारागांव में कुत्ते की मौत की जानकारी नहीं है। मामले में कोई शिकायत करता तो हम आगे की कार्रवाई करते।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बालोद डॉ. जेएल उइके ने कहा कि किसी को कुत्ते ने काटा है तो हल्के में न लें, तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रैबीज का इंजेक्शन लगवा कर उपचार जरूर कराएं।
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Updated on:
16 Jan 2026, 11:22 PM IST
Published on:
16 Jan 2026, 11:20 PM IST
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